
1. खराब फिल्डिंग
भारतीय टीम फिल्डिंग दाैरान भी कई गलतियां करती दिखीं। खिलाड़ी सिंगल रन रोकने के लिए भी कई बार नाकाम दिखे। यही नहीं, रन आउट के कई ऐसे मौके गंवाए जो विकेट में तब्दील हो सकते थे। आखिरी तीन ओवर में बांग्लादेश को जीत के लिए 35 रन चाहिए थे। रही सही कसर 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर क्रुणाल पांड्या ने पूरी कर दी। क्रुणाल ने 18वें ओवर में मुश्फिकुर रहीम का आसान सा कैच छोड़ा दिया, इसके बाद रहीम ने अपनी पारी में 20 रन अधिक जोड़ते हुए भारत की हार पक्की कर दी। अगर ये कैच लपका जाता तो मैच का नतीजा कुछ और होता।

2. रोहित हुए फेल
आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2 शतक एक दोहरा शतक लगाने वाले रोहित शर्मा फेल साबित हो गए। बताैर कप्तान उनपर जिम्मेदारी थी कि वो धैर्य से खेलते हुए। लेकिन रोहित पहले ही ओवर की 5वीं गेंद पर चलते बने। रोहित सिर्फ 2 चाैकों की मदद से 9 रन ही बना सके। वहीं केएल राहुल ने 15 और पंत ने 27 रन जरूर बनाए, लेकिन इन्होंने जैसे-तैसे किसी तरह रन बनाए। श्रेयस अय्यर अति आक्रामकता के चलते 22 रन पर अपना विकेट गंवा बैठे। डेब्यू करने वाले शिवम दुबे भी 11 रन बना सके। यह तो शुक्र था शिखर धवन का जिन्होंने 41 रनों का योगदान देकर सम्मानजनक स्कोर पहुंचाने का प्रयास किया।

3. गेंदबाजी में निकला दम
भारत की हार का तीसरा कारण रहा गेंदबाजी। तेज गेंदबाज खलील अहमद से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वो पिट गए। क्रुणाल पांड्या भी कुछ खास नहीं कर पाए। खलील ने 4 ओवर में बिना विकेट लिए 37 तो क्रुणाल ने 32 रन लुटा दिए। गेंदबाज मिडिल ओवर्स में बांग्लादेश के बल्लेबाजों के विकेट नहीं चटका पाए। सौम्य सरकार और मोहम्मद नईम के बीच 46, सौम्य सरकार और मुश्फिकुर रहीम के बीच 60 और महमदुल्लाह और मुश्फिकुर रहीम के बीच नाबाद 40 रनों की साझेदारी हुई। डेथ ओवर्स में तो टीम इंडिया ने खराब गेंदबाजी की हद ही पार कर दी। आखिरी तीन ओवर में बांग्लादेश को 35 रनों की दरकार थी लेकिन 18वें और 19वें ओवर में ही टीम इंडिया ने 31 रन देकर मैच गंवा दिया।

5. महमदुल्लाह और रहीम
विकेटकीपर मुश्फिर रहीम और कप्तान महमदुल्लाह आखिरी पलों में भारत से मैच छिन गए। रहीम और महमुदुल्लाह ने आखिरी 3 ओवर में 40 रनों की साझेदारी कर बांग्लादेश को जीत दिला दी। रहीम ने 43 गेंदों में नाबाद 60 रन ठोक दिए। तो वहीं महमुदुल्लाह ने 7 गेंदों में 15 रन बनाए, जो मैच जिताऊ साबित हुए। बांग्लादेश के कप्तान महमदुल्लाह ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया क्योंकि दिल्ली में रात को ओस पड़ती है और इससे बल्लेबाजी करने में आसानी होती है। यही वजह है कि बांग्लादेश ने सिर्फ 3 विकेट गंवाकर लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सबको चाैंकाते हुए भारत को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में हुए तीन टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से हरा दिया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर सिर्फ 148 रन ही बनाए, जिसे बांग्लादेश ने मुश्फिकर रहीम की शानदार पारी की बदाैलत आसानी से हासिल कर लिया। मैच के दाैरान भारतीय टीम की तरफ से कई खामियां दिखीं। कप्तान रोहित शर्मा ने हार झेलने के बाद बयान देते हुए स्वीकार किया कि उनकी टीम शुरूआती ओवरों में ही दवाब में आ गई थी।
रोहित शर्मा ने इस मैच में भारत की हार के लिए खराब फील्डिंग और गलत डीआरएस के फैसले को जिम्मेदार बताया। रोहित ने कहा, ''बांग्लादेश को जीत का श्रेय जाता है। जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो उन्होंने शुरुआत से ही हमें दबाव में रखा। यह एक रक्षात्मक स्कोर था, और हमने मैदान पर गलतियां कीं। हमारे खिलाड़ी थोड़े अनुभवहीन हैं, और वे इससे सीख सकते हैं, शायद अगली बार वो गलतियां ना दोहराएं। डीआरएस को लेकर हमारी तरफ से गलतियां हुईं। रिव्यू में हमारी ओर से गलती थी, इसके बारे में बात भी नहीं की। पहली गेंद जो उन्होंने बैकफुट पर खेली थी, हमने सोचा कि यह बाहर जा रही है। अगले फ्रंटफुट पर खेला लेकिन हम भूल गए कि कितनी छोटी गेंद थी!''
उन्होंने आगे कहा कि हम मैदान पर टारगेट तक नहीं थे, लेकिन बल्लेबाजी के लिहाज से मुझे लगता है कि हमने एक प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया। इस प्रारूप में युजवेंद्र चहल का हमेशा स्वागत किया गया। वह इस टीम के लिए महत्वपूर्ण है, और उसने दिखाया कि मध्य ओवरों में वह कितना महत्वपूर्ण है, जब बल्लेबाज सेट होते हैं। वह पूरी तरह से समझता है कि उसे क्या करने की जरूरत है और इससे कप्तान के लिए भी थोड़ा आसान हो जाता है। चहल ने 4 ओवर में 24 रन देकर एक विकेट लिया।


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