नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर टीम इंडिया के साथ नेट्स पर अभ्यास करते नजर आए। डेढ़ महीने पहले टीम इंडिया के साथ अर्जुन तेंदुलकर भारतीय टीम के साथ अभ्यास करते नजर आए थे उस वक्त भी क्रिकेट प्रेमियों ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। लॉर्ड्स टेस्ट से पहले टीम इंडिया के साथ अभ्यास करने को लेकर अर्जुन एक बार फिर से ट्रोल हो गए हैं। लोगों ने क्रिकेट में नेपोटिज्म से लेकर सचिन के बेटे होने का फायदा मिलने की बात कही है।
आए ऐसे कमेंट्स:
ईएसपीएन की पत्रकार मेलिंडा फारेल ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर की है जिसमें अर्जुन तेंदुलकर अभ्यास के दौरान गेंद बाजी करते नजर आ रहे हैं।
Sachin Tendulkar's son, Arjun, is one of the net bowlers for India women today. Bowling t Veda here. #WWC17 @ESPNcricinfo pic.twitter.com/M37es7GINf
— Melinda Farrell (@melindafarrell) July 22, 2017
Wow, nepotism on another level.
— Kejru (@thelogicaldude) July 22, 2017
एक शख्स ने तंज कसते हुए लिखा है तो क्या भारत में अर्जुन तेंदुलकर मौजूदा वक्त में सबसे अच्छे तेज गेंदबाज हैं?
So is Arjun Tendulkar the best left arm paceman in India currently?
— Prateek Dhariwal (@prateekd) August 8, 2018
एक और ट्विटर हैंडल से सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि क्या अर्जुन का भारतीय बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने का कोई मायने है?
So is Arjun Tendulkar the best left arm paceman in India currently?
— Prateek Dhariwal (@prateekd) August 8, 2018
Ayush Badoni, took4 wicketsin the first innings and also scored185*(not out!)in the first innings!
— Indian first (@shyammaghu) August 8, 2018
Who should the media give more emphasis on?!
I wish we get to seeAyush Badonias much as we get to see Arjun Tendulkar!@TOIIndiaNews @sardesairajdeep @BDUTT @Nidhi
सचिन की जगह आयुष बदोनी को मीडिया तरजीह देने की बात करते हुए एक यूजर ने लिखा है कि आयुष ने एक पारी में नाबाद 185 रन बनाए और साथ ही 4 विकेट लिए ऐसे में अर्जुन को नहीं बल्कि आयुष को तवज्जो देनी चाहिए।
इस वजह से शामिल किए गए अर्जुन:
दरअसल भारतीय मैनेजमेंट ने इंग्लैंड के 20 साल के सैम कुरेन के खिलाफ तैयारी करने के लिए अर्जुन तेंदुलकर को नेट अभ्यास में शामिल किया।अर्जुन की गेंदबाजी शैली कुरेन से काफी मिलती-जुलती है और वह इंग्लैंड में हैं, तो टीम इंडिया ने इसका पूरा फायदा उठाने का फैसला किया।