नई दिल्लीः दूसरे टेस्ट के चौथे दिन की सुबह भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 4 बल्लेबाजों को आउट कर दिया है। टीम इंडिया अब बड़ी जीत से केवल 3 ही विकेट दूर है। भारत जीत के बिल्कुल करीब होता अगर कुलदीप की गेंद पर सिराज ने रूट का लॉलीपोप कैच ना टपकाया होता। लंच ब्रेक तक इंग्लैंड के 7 विकेट मात्र 116 रनों पर गिर चुके हैं।
इंग्लैंड के तीसरे दिन स्टंप तक 3 विकेट गिर गए थे और भारत ने चौथे दिन भी पिच से मिली मदद पर घातक गेंदबाजी करना जारी रखा। डेनियल लॉरेंस के रूप में भारत को दिन का पहला विकेट तब मिला पंत ने अश्विन की गेंद पर उनको स्टंप करा दिया। उन्होंने 26 रन बनाए।
यह सीरीज शायद बेन स्टोक्स की विफलता की कहानी में शामिल होने जा रही है। कड़वा सच यह है कि इन हालातों में बेन स्टोक्स के पास वो काबिलियत दिखाई हीं नहीं दे रही जिसके चलते दुनिया भर में उनका इतना नाम है। समय के साथ स्टोक्स एक बेहतर बल्लेबाज में तब्दील होते जा रहे हैं और उनकी गेंदबाजी टेस्ट मैच में उतनी पैनी नहीं है।
लेकिन इस सीरीज में जब टीम को स्टोक्स की बैटिंग की जरूरत थी वे फेल हो गए। उन्होंने दूसरी पारी में भी अश्विन के सामने खुद को बेबस पाया और अंत में 8 रनों के स्कोर पर उनका धैर्य जवाब दे दिया। अक्षर पटेल ने उनका कैच लपका। अगर इंग्लैंड यह सीरीज 3-1 से हारता है तो यह स्टोक्स के ऑलराउंड प्रदर्शन की गंभीर नाकामी होगी।
भारत ने स्टोक्स के पास ओली पोप और बेन फॉक्स के विकेट लिए। जो रूट लंच तक क्रीज पर मौजूद थे और इंग्लैंड का स्कोर 7 विकेट पर 116 रन हो गया था।
इसमे दोराय नहीं कि इंग्लैंड यह मैच बुरी तरह हारने वाला है और यह मैच जल्द ही खत्म होने जा रहा है। असली दिक्कत यह है कि इंग्लैंड की टीम अपने विकल्पों का बेहतरीन इस्तेमाल करती नहीं दिखी है। पहले मैच में इसी पिच पर कमाल करने वाले जेम्स एंडरसन को आराम देना, बटलर को घर वापस भेजना, डॉम बेस को बाहर कर देना, ये कुछ अजीब से फैसले हैं जिनकी कीमत एक हार के तौर पर इंग्लिश टीम को चुका रही है। अब जॉनी बेयरस्टो अगले दो मैचों से टीम में जुड़ जाएंगे। अगर उनको पहले बुलाया होता तो वे एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेल सकते थे।
हां, ओली स्टोन जरूर इंग्लैंड के लिए सबसे बढ़िया गेंदबाज रहे जिन्होंने स्पिन विकेट पर चार विकेट लेकर बहुत प्रभावित किया।