नई दिल्लीः जो रूट रन बनाने के उस सिलसिले पर सवार हैं जहां उनके लिए रुकना मुश्किल और चलना ज्यादा आसान है। हो सकता है इस बहती गंगा में वे अभी आगे भी हाथ धोते रहे क्योंकि अगला मुकाबला भी चेन्नई में ही होना है और तब भी पिच ऐसी मिल गई तो रूट की बल्ले से बल्ले-बल्ले चलती रहेगी। टीम इंडिया के चयन ने भी रूट की सहायता की है। कुलदीप यादव की जगह पर आए शाहबाज नदीम इस पिच पर फर्स्ट क्लास स्तर के ही बॉलर मालूम पड़े हैं। ऐसा नहीं कि अश्विन और सुंदर ने कोई तीर मार दिया है पर अगर कुलदीप यादव होते तो भारत के पास एक विविधता होती। वे कलाई के स्पिनर हैं और अभी मौजूदा टेस्ट में तीनों स्पिनर अंगुलीबाज हैं।
खैर रूट को इन सब बातों से क्या लेना-देना, वह तो करियर की सुनहरी फॉर्म में गुजरकर गुलजार हो रहे हैं और इंग्लैंड में क्रिकेट की संस्कृति कुछ ऐसी है कि ये पल काफी दशकों तक संजोकर रखे जाते हैं। वहां टेस्ट क्रिकेट से बहुत प्यार किया जाता है।
रूट ने चेन्नई टेस्ट के दूसरे दिन 150 का स्कोर पार कर लिया है और वे लगातार टेस्टों में 150 प्लस स्कोर बनाने वाली लिस्ट में बहुत ऊपर चले गए हैं। यह लिस्ट कुमार संगकारा को सबसे ऊपर रखती है क्योंकि उनके नाम चार बार लगातार टेस्टों में 150 प्लस पार जाने का रिकॉर्ड है जो उन्होंने 2007 में किया था। रूट 2021 में लगातार तीन टेस्टों में ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने श्रीलंका में पहले टेस्ट के दौरान दोहरा शतक लगाया था और दूसरे टेस्ट में 186 रन बना दिए और अब फिर दोहरे शतक की और जा रहे हैं।
मजेदार बात यह है कि इस लिस्ट में संगकारा के बाद 6 बल्लेबाज ऐसे हैं जिन्होंने लगातार तीन टेस्टों में 150 प्लस किया। इनमें अधिक लोकप्रिय नाम डॉन ब्रेडमैन (1937), जहीर अब्बास (1982-83) और टॉम लॉथम (2018-19) का है।
हो सकता है रूट अगले टेस्ट में भी 150 पार करके संगकारा के बराबर में खड़े हो जाएं। ऐसा हुआ तो यह सीरीज इंग्लैंड के लिए बड़ी मजेदार साबित होगी। क्या भारत ऐसा कराना पसंद करेगा? जाहिर है कोहली एंड कंपनी के लिए काफी मेहनत आगे बाकी है।