नई दिल्लीः चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे इस समय भारतीय टीम की दुखती रग हैं। दूसरी ओर केएल राहुल सरप्राइस पैकेज हैं जिन्होंने इंग्लिश टेस्ट मैचों में अभी तक 2 कमाल की पारियां खेली है। लॉर्ड्स में चल रहे मौजूदा टेस्ट मैच की पहली पारी में शतक लगा चुके केएल राहुल ने रहाणे और पुजारा दोनों का बचाव किया है।
पिछली 10 टेस्ट पारियों में पुजारा के खाते में एक भी अर्धशतक नहीं है तो दूसरी ओर रहाणे 7 पारियां बिना किसी अर्धशतक के खेल चुके हैं। दुख की बात यह है कप्तान विराट कोहली खुद अब पहले जैसे बल्लेबाज नहीं रह गए हैं।
कोहली में यह बदलाव अचानक आया है। अगर वे फिर से पहले जैसी फॉर्म हासिल कर लेते हैं तो यह सुखद आश्चर्य होगा। हमने देखा है क्रिकेट के बड़े से बड़े खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आया जब उसका खेल परमानेंट बदल गया। सचिन तेंदुलकर के खेल को भी सबने बदलते हुए देखा, महेंद्र सिंह धोनी का गेम भी 30 की उम्र पार होने के बाद चेंज होता गया। तो क्या विराट कोहली का यह बदलाव भी परमानेंट है? इसके लिए हमें कम से कम इस सीरीज के खत्म होने तक तो इंतजार करना ही होगा।
हालांकि केएल राहुल सुनहरे दौर में लग रहे हैं और उन्होंने शुक्रवार को दूसरे दिन के समाप्ति के बाद कहा कि पुजारा और अजिंक्य रहाणे दोनों अच्छे खिलाड़ी हैं।
केएल आगे कहते हैं, "जब भी टीम में दिक्कत में याद आई है इन्होंने अपना काम किया है। वे वर्ल्ड क्लास प्लेयर हैं। मुझे पता है वे रनों के लिए भूखे हैं और ये लोग टीम के लिए कुछ रन बनाकर अपना काम आगे भी करते रहेंगे"
129 रनों की पारी खेलने वाले राहुल मानते हैं कि इंग्लिश परिस्थितियों में बॉल को स्विंग मिलना आम बात है लेकिन इसको खेलना आसान नहीं है।
उनको लगता है पुजारा और रहाणे इस चुनौती से भी निपट लेंगे। राहुल आगे कहते हैं, "वे काफी अनुभवी बल्लेबाज हैं, वे जानते हैं कि एक या दो इनिंग में रन नहीं बनाने से कुछ नहीं होता और किस तरीके से फॉर्म वापस हासिल होती है इस बात का भी उनको पता है। हमें यह स्वीकार करना होगा कि इंग्लैंड में अच्छी गेंदबाजी की जाती है और आप प्रत्येक पारी में रन नहीं बना सकते।"