
चेतेश्वर पुजारा का ये कैसा दौर?
चेतेश्वर पुजारा भारतीय क्रिकेट के इस दौर में अपनी किस्म के इकलौते बल्लेबाज हैं जो बहुत धीमी गति से बल्लेबाजी करते हैं। वे जब विकेट पर टिकते हैं तो विपक्षी गेंदबाज थक जाते हैं और जब भी ऐसा नहीं कर पाते तो अपनी टीम पर ही भारी पड़ते हैं क्योंकि गेंदे ही इतनी ले लेते हैं। पुजारा ने एक बार फिर से खुद को फ्लॉप साबित करते हुए 23 गेंद खेलकर 9 रन बनाए जबकि अक्सर अलग ही दुनिया में नजर आने वाले अजिंक्य रहाणे भी 1 रन बनाकर चलते बने।
वह तो भला हो भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों का, जिन्होंने शानदार शुरुआत दिलाई और भारत पहली पारी में 364 रन बनाने में कामयाब रहा जिसके चलते लॉर्ड्स में हो रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया फिर भी ठीक-ठाक स्थिति में है।
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लक्ष्मण ने कहा- जल्दी में हैं पुजारा
राहुल और रोहित ने पहले विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की थी ऐसे में चेतेश्वर पुजारा के पास समय बिताने के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म था लेकिन वे आए और चलते बने। दुनिया के सबसे धीमे बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का लास्ट अर्धशतक पिछली 9वीं टेस्ट पारी में आया था। इसके बाद कप्तान कोहली 42 रन बनाकर चलते बने लेकिन उन्होंने राहुल के साथ कम से कम 117 रनों की साझेदारी तो की। हालांकि जैसी ही वे आउट हुए तो अजिंक्य आए जो लगातार सात पारियों में अर्धशतक बनाने में असफल रहे हैं।
पूर्व दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण को लगता है कि चेतेश्वर पुजारा जैसे अपने ऊपर लगे धीमे बल्लेबाज का ठप्पा हटाना चाहते हैं, जिसके चलते वे हड़बड़ाहट में दिखाई दे रहे हैं।

'एक ही गलतियां बार-बार हो रही हैं'
लक्ष्मण ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए बताया, "पुजारा के साथ तकनीकी समस्याएं तो हैं ही, और साथ ही उनमें हड़बड़ाहट भी दिखाई देती है। हमने नॉटिंघम टेस्ट की पहली पारी में भी देखा था, वह तब भी छटपटा रहे थे और फिर रन आउट हो गए। हमने अब फिर देखा कि उनका फुटवर्क कुछ खास नहीं था। ऐसा तब होता है जब आप गेंद पर कंसंट्रेट करने की जगह बस रन बनाने की सोचते हो। ऐसे में आप गेंद की पहुंच से दूर हो जाते हो।"
लक्ष्मण का मानना है कि रहाणे और पुजारा बार-बार एक ही गलतियां दौरा रहे हैं जिसके चलते उनकी घटिया फॉर्म लगातार जारी है। वह कहते हैं, "रहाणे और पुजारा दोनों ही निराश होंगे क्योंकि वह एक ही गलतियां बार-बार कर रहे हैं और पिछले 8-10 महीने से वह ऐसे ही आउट होते जा रहे हैं। हमने आस्ट्रेलिया में भी रहाणे को इसी तरह से आउट होते हुए देखा है। अगर आज भी आप देखोगे तो रहाणे गेंद पर काफी देरी से आए। उनका उल्टा पैर तब भी हवा में था और बॉडी वेट का कोई ट्रांसफर नहीं था।"

हर फ्लॉप पारी प्रेशर को बढ़ा रही है-
लक्ष्मण को लगता है कि दोनों ही बल्लेबाजों के ऊपर अपने रुतबे के हिसाब से खेलने का दबाव है जिसके चलते यह गलतियां कर रहे हैं। इसलिए वे कहते हैं, कि मैं उम्मीद करता हूं पुजारा और अजिंक्य रहाणे के दिमाग में बाहर हो रही आलोचना ना घुस गई हो। इसके चलते और भी ज्यादा प्रेशर आ जाता है क्योंकि युवा खिलाड़ी आप की जगह लेने के लिए तैयार बैठे ही हैं। और यह प्रेशर हर फ्लॉप पारी के बाद बढ़ता ही जाता है।"
खैर देखते हैं कि भारत की अगली पारी में यह दोनों बल्लेबाज किस तरीके से वापसी कर पाते हैं। फिलहाल टीम इंडिया के कुछ बल्लेबाजों का पैटर्न यह है कि आप चार-पांच पारियों में फेल हो जाइए और फिर एक पारी में अर्धशतक या शतक जड़ दीजिए, फिर 7-8 पारी में फेल हो जाइए और फिर एक ठीक सी पारी खेल लीजिए, ऐसा करके अपना काम चलाते रहिए, नाम बनाते रहिए।
दरअसल ऐसे बल्लेबाजों की कमियां तब छुप जाती है जब बाकी बल्लेबाज रन बना लेते हैं जैसे कि इसकी इस बार रोहित शर्मा और केएल राहुल ने टीम के बाकी साथियों की कमजोरियों को थोड़ा ढक दिया और अगर भारती टेस्ट में जीत जाता है तो पुजारा और रहाणे जैसों की कमियां थोड़ी और दब जाएंगी लेकिन जब कोई टीम सम्मिलित तौर पर फेल होती है और लगातार हारती है तो एक-एक बल्लेबाज की कमी कई गुना ज्यादा भारी होती जाती है।


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