क्या फ्लॉप पंत कराएंगे कार्तिक की दोबारा एंट्री? टी-20 विश्व कप में खेलना चाहते हैं दिनेश
नई दिल्ली: भारतीय टीम से विश्व कप के बाद बाहर चल रहे दिनेश कार्तिक में निश्चित तौर ऐसा कुछ खास है जो उनको उम्र के इस पड़ाव में भी भारतीय प्रशंसकों का पसंदीदा क्रिकेटर बनाता है। फैंस अब भी कार्तिक को टीम में देखना चाहते हैं। हालांकि कार्तिक का करियर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है वे कभी भी टीम में अपनी जगह स्थाई करते हुए नजर नहीं आए। एक ऐसे करियर में, जिसमें उतार-चढ़ाव का काफी हिस्सा रहा है, कार्तिक ने कभी भी मजबूत वापसी करने की अपनी उम्मीदों को कम नहीं होने दिया। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के पहली पसंद के विकेटकीपर ऋषभ पंत का प्रदर्शन काफी खराब रहा है, वे बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी कमाल दिखाने में असफल रहे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि पंत की जगह कार्तिक का जगह देने का क्या ये एक बार फिर से सही समय आ गया है?

कुछ तो है कार्तिक में खास बात-
कार्तिक को उनकी सही तकनीक के साथ एक शानदार सफेद गेंद खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है। उन्हें हमेशा निदाहस ट्रॉफी होने से पहले एक सटीक पचास ओवर के बल्लेबाज के रूप में देखा जाता था। भारत को ट्रॉफी दिलाने के लिए बांग्लादेश के खिलाफ 8 गेंदों में 29 रनों की तूफानी पारी ने कार्तिक को रातोंरात हीरो बना दिया था जिसके बाद लोगों ने उनकी हिटिंग काबिलियत भी देखी। बाद में कार्तिक ने टीम ने फिनिशर की भूमिका भी शानदार तरीके से अदा की। कुछ कार्तिक का मानना है कि वह भारत के लिए निचले मध्यक्रम में फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए सही आदमी हो सकते हैं। वह घरेलू सर्किट में तमिलनाडु के लिए ऐसा कर रहे हैं।
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शानदार रिकॉर्ड और अनुभव का संतुलन-
कार्तिक ने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु के लिए नौ पारियों में 418 रन बनाए। उन्होंने टूर्नामेंट में 59.71 की औसत और 121.15 की स्ट्राइक रेट के साथ रन किए। लगभग हर बार जब वह नंबर 5 या 6 पर बल्लेबाजी करने के लिए निकलते थे, और उनकी बड़ी पारी ने तमिलनाडु को फाइनल में पहुंचने में मदद की, जहां वे कर्नाटक से हार गए। कार्तिक ने विजय हजारे ट्रॉफी में अधिकतर 5 या 6 बार बल्लेबाजी करते हुए चार अर्धशतक बनाए। 121.15 की उनकी स्ट्राइक केवल संजू सैमसन से कमतर थी, जिन्होंने 125.00 की स्ट्राइक रेट से आठ पारियों में 410 रन बनाए। भारत के लिए, पिछले कुछ वर्षों में कार्तिक टी-20 में भी रनों का पीछा करते हुए कई बार लक्ष्य हासिल करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने सात पारियों में 142 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 141 रन बनाए हैं, जिसमें भारत ने टी 20 आई में पीछा करते हुए जीत हासिल की हैं।

पंत की लगातार विफलता-
पंत की विफलता के बीच चयनकर्ताओं ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि भारतीय क्रिकेट धोनी से आगे जा चुका है, कार्तिक फिनिशर की भूमिका के लिए एक आदर्श फिट हो सकते हैं। वहीं पंत को देखकर अब ऐसा लगता है कि उनको एक बार फिर से अपने पुराने अंदाज को वापस हासिल करने के लिए घरेलू क्रिकेट का रास्ता अख्तियार करना पड़ सकता है। कार्तिक ने हाल ही में एक साक्षात्कार में, यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले भारतीय टी 20 टीम में वापसी करना चाहते हैं, यह तभी संभव हो पाएगा जब निचले-मध्य क्रम में एक स्लॉट फिनिशर के लिए खुलता है।
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कार्तिक को मौका देने का सही समय-
कार्तिक ने अपने खेल को फिनिशिंग गेम्स के आसपास तैयार किया है और घरेलू सर्किट में बल्ले और दस्ताने के साथ सभी सही चीजें कर रहे हैं। तमिलनाडु के लिए अपनी अंतिम तीन पारियों में, कार्तिक ने सैयद मुश्ताक अली टी 20 में 61, 48 और 33 रन बनाए। 34 वर्षीय को विश्व कप में सिर्फ दो गेम खेलने को मिले थे जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था जहां वह केवल 14 रन ही बना सके थे।
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