सिडनी। ऑस्ट्रेलियाई ओलम्पिक समिति के अध्यक्ष जॉन कोट्स ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को नहीं मिलनी चाहिए थी। ऑस्ट्रेलिया की समाचार एजेंसी 'एएपी' के मुताबिक कोट्स ने कहा, "स्पष्ट रूप से कहा जाए तो भारत को खेलों की मेजबानी नहीं मिलनी चाहिए थी।"
उन्होंने कहा, "राष्ट्रमंडल खेल संघ (सीजीएफ) के पास संसाधनों की कमी एक समस्या है। इसके पास आयोजन स्थलों पर काम की प्रगति का मूल्यांकन करने की क्षमता उपलब्ध नहीं है जो कि ओलम्पिक समिति के पास उपलब्ध है।" भारत की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रमंडल खेल संघ के पास केवल 5 कर्मचारी हैं। जबकि दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के पास इसके लिए 400 से ज्यादा कर्मचारी हैं।
उन्होंने कहा, "यदि दिल्ली के हालात को देखा जाए तो कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें बहुत तेजी से किया गया क्योंकि वास्तव में आयोजन स्थल अभी तैयार नहीं हुए हैं।" नई दिल्ली में 3 से 14 अक्टूबर के बीच होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों के लिए निर्माण कार्यो में देरी की काफी आलोचना हो रही है।