चेन्नई। करुण नायर... ये नाम आज हर किसी के जुबान पर है, हो भी क्यों ना...25 साल के इस नौजवान ने सोमवार को चेपक स्टेडियम में सफलता को वो इतिहास रचा, जिसे रचना हर किसी के नसीब में नहीं होता।
मालूम हो कि चेन्नई के चेपक ग्राउंड में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए नायर ने 303 रनों की नाबाद पारी खेली। भारत की ओर से ये कारनामा इससे पहले केवल वीरेंद्र सहवाग ने किया था।
अंग्रेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले इस नौजवान के बारे में शायद उनके मां-बाप को भी यकीन नहीं था कि एक दिन उनका बेटा भारत मां का नाम इस तरह से रौशन करेगा।
बेटे की कामयाबी पर छलछला उठीं पिता की आंखेें
अपने बेटे की इस सफलता पर इतराते हुए भावुक पिता कलाधरन की छलकती आंखों ने वो सच कह दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। कालाधरन ने कहा कि करुण एक प्री-मैच्योर बेबी है। उसका जन्म आठवें महीने में हुआ था इसलिए वो बचपन में शारीरिक रूप से काफी कमजोर था। उसके फेफड़ों की केपिसिटी थोड़ी वीक थी और इसके चलते बचपन में उसका बहुत ज्यादा ध्यान रखने को डॉक्टर्स ने कहा था।
करूण महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़ेे फैन
इसलिए मैं कभी नहीं सोचता था कि करुण एक खिलाड़ी बनेगा, लेकिन आज मुझे अपने इस बेटे पर फक्र है। कलाधरन ने ये भी बताया कि करुण महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का बहुत बड़ा फैन है और उन्हीं से प्रभावित होकर उन्होंने क्रिकेटर बनने का फैसला किया था। 10 साल की उम्र से ही क्रिकेट उसके खून में दौड़ने लगा था, जिसके लिए उसने कड़ी मेहनत की है।
डोसा और बिरयानी काफी पसंद
दिल से संजिदा और थोड़े से शर्मीले करुण नायर को खाने में डोसा और बिरयानी काफी पसंद हैं। लाइट म्यूजिक को लाइक करने वाले इस नायाब और उभरते भारतीय सितारे ने सोमवार को आदिल राशीद की गेंद पर कवर क्षेत्र में चौका ठोक कर अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी पीछे कर दिया।
दुनिया के तीसरे और भारत के पहले बल्लेबाज
मालूम हो कि नायर सोमवार को टेस्ट करियर के पहले शतक के तौर पर तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले बल्लेबाज बने।
दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के सदस्य
जून 2016 में जिंबाब्वे के खिलाफ वनडे मैचों में डेब्यू करने वाला कर्नाटक का ये खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की टीम से खेल चुका है और फिलहाल दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का सदस्य है।