India vs Australia Day Night Test Match News नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही टेस्ट मैच में बुरी तरह से रौंद दिया है। एडिलेड का डे-नाइट टेस्ट केवल तीन दिन में ही समाप्त हो गया है भारतीय टीम को 8 विकेट से करारी हार मिली है। चार मैचों की सीरीज में भारत 0-1 से पिछड़ गया है और अब आगे के तीन मैचों में उसको विराट कोहली का भी साथ नहीं मिलेगा।
भारतीय क्रिकेट टीम ने तीसरे दिन अप्रत्याशित खेल दिखाया और हेजलवुड व पैट कमिंस की जोड़ी के सामने हाथ खड़े कर दिए जिसके परिणामस्वरूप भारत को टेस्ट क्रिकेट में अपना निम्नतम स्कोर मिला। भारत ने दूसरी पारी में केवल 36 रन बनाए थे जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए केवल 90 रनों का लक्ष्य मिला था।
कंगारूओं ने यह लक्ष्य मात्र 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जीत के लिए मिले बेहद आसान लक्ष्य को शमी की चोट ने और भी सरल बना दिया। पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले उमेश यादव की जमकर पिटाई हुई और बुमराह को भी विकेट नहीं मिल सका। एक विकेट अश्विन के नाम हुआ जबकि मैथ्यू वेड के तौर पर एक बल्लेबाज रन आउट हुआ। वेड ने 33 रन बनाए और लाबुशेन 6 रन बनाकर आउट हुए। यह जो बर्न्स थे जिन्होंने 51 रनों की नाबाद पारी खेली और मैच में किसी तरह की नाटकीयता के लिए गुंजाईश नहीं छोड़ी। यह लक्ष्य मात्र 21 ओवर में हासिल कर लिया गया।
टीम इंडिया की कलई दूसरी पारी में पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के सामने खुल गई जब उसका बैटिंग ऑर्डर 19 रनों पर ही ढेर हो गया। पैट कमिंस ने चार विकेट लिए जबकि जोश हेजलवुड को पांच विकेट मिले हैं। भारत की हालत इतनी खराब थी कि एक भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका।
तीसरे दिन की शुरुआत नाइटवॉचमैन जसप्रीत बुमराह के विकेट से हुई जब उन्होंने 2 रन बनाकर कमिंस को उनकी ही गेंद पर कैच थमा दिया। इसके बाद जीरो पर पुजारा (जीरो) और मयंक (9) आउट हुए और रहाणे भी जीरों पर चलते बने। विराट कोहली का स्लिप में एक कैच ग्रीन ने लेकर कमिंस को दिन का सबसे बड़ा विकेट दिला दिया। इसके बाद मात्र औपचारिकताएं शेष थी।
यह भारत का ना केवल सबसे कम टेस्ट स्कोर है बल्कि एक और शर्मनाक स्थिति यह रही कि कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक छू नहीं सका। ऐसा केवल टेस्ट क्रिकेट में दूसरी बार हुआ है।
अब विराट कोहली के बिना भारत के लिए सीरीज बचाना बहुत बड़ी चुनौती होने जा रही है। अजिंक्य रहाणे ने जो इस मैच में किया वह भारत की हार का टर्निंग प्वाइंट कहा जा सकता है। उन्होंने कोहली को तब आउट कराया जब वे निश्चित शतक की और बढ़ चले थे और रहाणे के साथ एक अटूट साझेदारी बनती दिख रही थी। उसके बाद से टीम इंडिया के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ।
उन्होंने गेंदबाजी में जरूर 191 रनों पर ऑस्ट्रेलिया को आउट किया लेकिन कैच थोक के भाव छोड़े गए और पुच्छले कंगारू बल्लेबाजों को थाली में परोसकर रन बनाने के मौके दिए। ये उपरोक्त बिंदु अगर भारत के पक्ष में जाते तो मैच का पासा पलटा होता। अब देखने वाली बात होगी कि रहाणे अगले मैचों में किस तरह कि कप्तानी करते हैं।