विदाई स्पीच में महत्वपूर्ण नामों को मैं नहीं भूल सकता था: सचिन तेंदुलकर
सचिन ने कहा कि मैंने अपनी विदाई स्पीच में कुछ नामों का जिक्र किया बाकी चीजें अपने आप ही दिल से निकलीं। सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान पर अपने अंतिम भाषण में लगभग 20 मिनट बोला था। जिसे अब तक की सबसे अच्छी 'विदाई स्पीच' कहा जा रहा है। स्पीच सुनकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और टीवी दर्शकों की आंखों में आंसू आ गये थे।
सचिन के अनुसार मुंबई टेस्ट का अंत होना, मेरे लिए एक भावुक लम्हा था, मैंने स्पीच देने के लिए नाम लिखे थे बाकी ऐसी जगहों पर देने वाली स्पीच को लिखा नहीं जा सकता है। तेंदुलकर ने कहा कि सन्यास की घोषणा के बाद लोगों ने मुझे जो भी प्यार दिया इसकी कल्पना मैंने कभी नहीं की थी। सचिन ने स्पीच में कहा भी था कि स्टेडियम में दर्शकों द्वारा सचिन सचिन शोर करने की आवाज मेरी अंतिम सांस तक हमेशा ही मेरे कानों में रहेगी।
नेटवर्क 18 के एक प्रचार कार्यक्रम में आये सचिन ने बताया कि संयास के बाद उन्होने अपने बेटे अर्जुन और उसके कई दोस्तो के साथ घर पर ही क्रिकेट खेला।
सचिन के घर के पास स्टील के एक दो टन के बल्ले का स्मारक बनाया गया है, जिस पर उनकी विदाई स्पीच लिखी हुई है।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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