नई दिल्ली। भारत दौरे पर आ रही बांग्लादेश की टीम ने भले ही हड़ताल को खत्म कर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ सामंजस्य बिठा लिया हो लेकिन उसके हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब अल हसन के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। दरअसल एक दूर संचार कंपनी से करार का मामला अब बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन के लिए गले की फांस बनता नजर आ रहा है क्योंकि इसके चलते शाकिब अल हसन ने बोर्ड के साथ केंद्रीय अनुबंध का उल्लंघन किया है। बोर्ड भी शाकिब को अनुबंध का दोषी पाये जाने के बाद उन पर कानूनी कार्रवाई करने का विचार कर रहा है। भारत दौरे पर रवाना होने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का यह कदम निश्चित रूप से टीम के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।
'क्रिकबज' की एक रिपोर्ट के अनुसार शाकिब अल हसन ने दूरसंचार कंपनी 'ग्रामिणफोन' के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं जो केंद्रीय अनुबंध नियम का उल्लंघन है।
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'क्रिकबज' की रिपोर्ट के अनुसार, 'बीसीबी अध्यक्ष नज्मुल हसन ने कहा कि शाकिब को इस मामले पर नोटिस भेजा जा चुका है। अगर वह इस बात का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं तो बोर्ड उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर मजबूर है।'
गौरतलब है कि बांग्लादेश की स्थानीय टेलीकॉम कंपनी 'ग्रामीणफोन' ने 22 अक्टूबर को घोषणा की थी कि देश का सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंडर उनका ब्रांड एंबेसडर बन गया है। जबकि बीसीबी अध्यक्ष नज्मुल हसन के अनुसार यह केंद्रीय अनुबंध का उल्लंघन है। उन्होंने बंगाली दैनिक 'कालेर कांठो' से बात करते हुए कहा कि वह ऐसा करार नहीं कर सकते जो हमारे अनुबंध में स्पष्ट है।
उन्होंने कहा, ' रोबी (टेलीकॉम) हमारा टाइटल प्रायोजक था और ग्रामिणफोन ने बोली नहीं लगाई और इसके बजाय उसने कुछ क्रिकेटरों को पैसे देकर करार कर लिया। लेकिन इससे बोर्ड को नुकसान हुआ।'
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हसन ने कहा, 'हम कानूनी कार्रवाई के बारे में विचार कर रहे हैं। इस संबंध में हम किसी को भी नहीं छोड़ सकते। हम मुआवजे की मांग करेंगे। हम कंपनी के साथ-साथ खिलाड़ी से भी मुआवजे की मांग करेंगे।'