
विजय शंकर को पछाड़ टीम में बनाई जगह
भारतीय टीम में ऑलराउंडर के तौर पर दूसरी पसंद विजय शंकर को पछाड़ते हुए शिवम दुबे ने अपनी जगह बनाई। विश्व कप में चोटिल होने के बाद विजय शंकर लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं, हालांकि विजय हजारे ट्रॉफी में शंकर का प्रदर्शन शिवम दुबे से बेहतर था लेकिन शिवम दुबे की ‘बिग हिटिंग' बल्लेबाजी शैली ने विजय शंकर को रेस में पीछे छोड़ दिया।
विजय हजारे ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करते हुए शिवम दुबे ने मुंबई की ओर से 8 मैचों की 5 पारियों में 177 रन बनाए थे। इसमें एक धमाकेदार शतक भी शामिल है, जो उन्होंने फाइनल में पहुंचने वाली कर्नाटक टीम के खिलाफ बनाया था। इस पारी में उन्होंने 118 रनों के लिए 67 गेंदों का सामना किया था, जबकि 7 चौके और 10 छक्के जड़े थे। इस दौरान शिवम ने 5 विकेट भी झटके।

आक्रामक बल्लेबाजी करना मुझे पसंद- शिवम दुबे
टीम में चयन के बाद शिवम ने कहा, ‘मेरी आक्रामक शैली शानदार है और मैं इस पर काम करता हूं। मेरे पिता हमेशा मुझे आक्रामक बल्लेबाज बनाना चाहते थे और फिर यह मेरी शैली बन गई। मुझे पावर हिटिंग पसंद है।'
उन्होंने कहा, ‘मैं भगवान और अपने पिता का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। खासतौर से मेरे पिता को जिन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया और यह उन्हीं का सपना था कि मैं भारत के लिए खेलूं।'
उन्होंने कहा, ‘मैं टीम में चुने जाने की उम्मीद कर रहा था। मुझे अपने चयन का भरोसा था। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था इसलिए मैं टीम में चुना गया।'

जब 5 गेंद में जड़ दिये लगातार 5 छक्के
गौरतलब है कि शिवम उस वक्त पहली बार चर्चा में आए थे, जब उन्हें पिछले सीजन में आईपीएल नीलामी से ठीक पहले एक मैच में 59 गेंदों में 76 रन की तूफानी पारी खेली थी। उन्होंने अपनी इस पारी में दो चौके और 8 छक्के जमाए थे। इसमें से 5 छक्के उन्होंने बड़ौदा के बाएं हाथ के स्पिनर स्वप्निल सिंह की 5 गेंदों पर लगातार लगाये थे। इस दौरान वह एक गेंद वरना 6 गेंदों में 6 छक्के लगाने का रिकॉर्ड बन जाता।
शिवम दुबे दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं कड़ी मेहनत करना जारी रखूंगा। मैंने अभी अपने लक्ष्य तय नहीं किए हैं। इस समय मैं खुश हूं। बतौर ऑलराउंडर मुझे पूरी तरह से केंद्रित होना होगा और साथ ही अच्छी फिटनेस भी बनाए रखनी होगी।'


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