IND vs BAN: डे-नाइट टेस्ट की तैयारियों के लिए इंदौर में ही अलग से प्रैक्टिस करेगी टीम इंडिया

India vs Bangladesh: Team india will practice special session in Indore for day night test

नई दिल्ली: भारत को कोलकाता में अपना ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट खेलना है, ऐसे में मेजबान टीम गुलाबी गेंद के लिए खुद को तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। बांग्लादेश के खिलाफ पहला टेस्ट प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स में फ्लड लाइट में खेला जाएगा। जानकारी की अनुसार 22 नवंबर से शुरू होने वाले इस मैच के लिए भारत क्रिकेट टीम खुद को तैयार करने के लिए इंदौर में ही रोशनी का अभ्यास करेगी। बता दें कि भारत को पहला टेस्ट मैच 14 नवंबर को इंदौर में ही खेलना है। यह मैच दिन की रोशनी में खेला जाएगा।

एमपीसीए के हेड क्यूरेटर समंदर सिंह चौहान के हवाले से बात करते हुए हिंदुस्तान टाइम्स ने जानकारी दी, "भारतीय टीम आज रात (मंगलवार) शाम 5 बजे से 6 बजे तक गुलाबी गेंद से अभ्यास करेगी।" "हमें यह अनुरोध मिला है और उसी के हिसाब तैयारी की है।"

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यह पहले पता चला था कि गेंद बनाने वाली भारतीय कंपनी एसजी ने पिछले सप्ताह के अंत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को गुलाबी गेंदों का पहला बैच दिया था। टेस्ट मैच न केवल दोनों पक्षों के लिए पहला डे / नाइट मामला होगा, बल्कि यह एसजी गुलाबी गेंदों का भी पहला मैच होगा। इससे पहले तक पिंक टेस्ट में कुकाबुरा गेंदों का ही इस्तेमाल भारत में दलीप ट्रॉफी के दौरान किया था। इसके अलावा अब तक खेले गए 11 डे / नाइट टेस्ट में, केवल कूकाबुरा और ड्यूक गुलाबी गेंदों का उपयोग किया गया है। दलीप ट्रॉफी के 2016-18 सत्रों के बीच भारत में भी पिंक बॉल मुकाबले खेले गए थे और उपयोग की जाने वाली गुलाबी गेंदों का निर्माण भी कूकाबुरा द्वारा किया गया था।

बांग्लादेश डे / नाइट टेस्ट के लिए एसजी गुलाबी गेंदों को शिफ्ट करने का एक मुख्य कारण एक ही श्रृंखला के लिए दो अलग-अलग गेंदों का उपयोग करने से बचना था। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा, "नहीं, यह नहीं हो सकता क्योंकि श्रृंखला को एक ही गेंद के साथ खेला जाना है। यह एक ही श्रृंखला में दो अलग-अलग गेंदें हो सकती हैं, " गेंदों के जल्द उपलब्ध करने के पीछे का विचार भारत और बांग्लादेश दोनों क्रिकेटरों को अपने पहले दिन / रात्रि टेस्ट की तैयारी के लिए पर्याप्त समय देना था। इंदौर में पहले टेस्ट और कोलकाता में डे / नाइट टेस्ट के बीच केवल 3 दिनों के अंतराल ने टीमों को गुलाबी गेंद के साथ विशेष अभ्यास सत्र रखने के लिए मजबूर कर दिया है।

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Story first published: Tuesday, November 12, 2019, 10:43 [IST]
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