नई दिल्लीः मॉडर्न क्रिकेट के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन 31वीं बार अपने टेस्ट करियर में 5 विकेट हॉल हासिल कर चुके हैं जिसके बदौलत भारत की पहली पारी 364 रनों पर सिमट गई और इंग्लैंड की कुछ हद तक गेम में वापसी हुई है। जिमी ने लॉर्ड्स में चल रहे टेस्ट मुकाबले में 62 रन देकर पांच विकेट लिए। भारत की पहली पारी 364 रनों पर सिमट गई और उसके बाद इंग्लैंड ने दूसरे दिन स्टंप होने तक तीन विकेट के नुकसान पर 119 रन बना लिए थे।
39 साल के जेम्स एंडरसन ने सातवीं बार लॉर्ड्स में 5 या उससे ज्यादा विकेट चटकाए हैं जिनमें से चार बार तो भारत के खिलाफ आए हैं। जाहिर है एंडरसन अपनी धरती पर भारतीय बल्लेबाजों का शिकार बनाना खासतौर पर पसंद करते हैं।
एंडरसन ने दूसरे दिन की समाप्ति के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर यह स्पेशल है। जब भी आप इस ग्राउंड पर खेलने आते हैं तो यह स्पेशल होता है। और निश्चित तौर पर जब भी मैं पिछले कुछ मौकों पर यहां आया हूं, मैं सोचता हूं क्या यह मेरा आखरी मौका है? मुझे लगता है कि यह थोड़ा और ज्यादा स्पेशल है क्योंकि यह लॉर्ड्स है और मेरे लिए व्यक्तिगत मामला है।
"मैंने अपना डेब्यू भी यहीं पर किया था, पहला 5 विकेट हॉल भी यही लिया और यह काम 7 बार करना अविश्वसनीय है। मुझे नहीं पता कि मैंने ऐसा कैसे किया लेकिन उम्मीद करता हूं कि यह आखिरी बार नहीं है जब मैं ऐसा कर रहा हूं। आपको दोबारा ऑनर्स बोर्ड पर मेरा नाम देखने को मिल सकता है।"
जिमी एक किवदंती बन गए हैं, लोग मानते हैं वे उम्र को पीछे छोड़ चुके हैं। हम नहीं जानते जेम्स एंडरसन कब तक हमारे बीच गेंदबाजी करते रहेंगे लेकिन उनकी हर एक गेंद देखने लायक होती है और इंग्लिश क्रिकेट के फैंस उनके हर स्पैल का जश्न मनाते हैं। एंडरसन इंग्लिश क्रिकेट में सबसे बड़े लीजेंड है।
भारत इस मैच में ठीक-ठाक की स्थिति में था जब उसने पहले दिन 3 विकेट के नुकसान पर 276 रनों का भारी-भरकम स्कोर खड़ा कर दिया था लेकिन इसके बाद इस टीम ने एक बार फिर से विदेशों में अपनी लुटिया डुबोई और अंतिम 7 विकेट केवल 88 रनों पर ही उड़ा दिए। अगर ऋषभ पंत 37 रन ना बनाते और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा 40 रनों की पारी ना खेलते तो भारत साढ़े 300 पर भी नहीं पहुंच पाता।
एंडरसन मानते हैं कि भारत ने इससे पहले दिन अच्छा खेला था और इंग्लिश गेंदबाजों को यहां पर प्रयास करने की जरूरत थी जो उन्होंने किया। वैसे तो भारत ने भी मोहम्मद सिराज की लगातार गेंदों पर विकेट मिलने से थोड़ी वापसी की लेकिन यहां पर जो रूट फिर से दर्दनाक साबित हुए और वह अपने अर्धशतक के करीब पहुंचकर नाबाद हैं। उन्होंने ओपनिंग बल्लेबाज रोरी बर्न्स के साथ अच्छी साझेदारी भी की। मोहम्मद शमी ने बर्न्स को 49 रनों के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू करके उनसे पीछा छुड़वाया।
एंडरसन कहते हैं, "जो रूट और बर्न्स के बीच बढ़िया साझेदारी हुई। यह अफसोस की बात है कि बर्न्स केवल 1 रन से अर्धशतक से चूक गए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छी स्थिति में है। हमें अभी भी काफी मेहनत करनी बाकी है लेकिन हम प्रत्येक सेशन के हिसाब से खेलेंगे और हो सकता है फिर हम गेम में आगे भी हो जाएं।"
वैसे एंडरसन फिलहाल इस सीरीज में अकेले हो गए हैं क्योंकि उनके पुराने साथी स्टुअर्ट ब्रॉड कॉफ मसल्स में चोट के चलते कुछ महीनों के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे और इंग्लैंड रोटेशन पॉलिसी भी अपनाता है तो देखने वाली बात होगी क्या आने वाले तीन टेस्ट मैचों में हमको जेम्स एंडरसन नियमित तौर पर दिखाई देंगे या फिर नहीं।