धोनी ब्रिगेड ने रचा इतिहास
कोलंबो, 28 अगस्त: श्रीलंका को चौथे एकदिवसीय मैच में हराकर धोनी ब्रिगेड ने इतिहास रच दिया। बुधवार को मैच जीतने के के साथ धोनी ब्रिगेड ने 3-1 की बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर ली। श्रीलंका की जमीन पर भारत ने पहली एकदिवसीयी सीरीज जीती है।
इससे पहले श्रीलंका में भारत-लंका के बीच हुई तीन सीरीज में पहली ड्रॉ हुई, जबकि दूसरी और तीसरी सीरीज पर श्रीलंका ने कब्जा किया था। वर्तमान सीरीज का चौथा व अंतिम मैच 29 अगस्त को खेला जाना है।
बुधवार को हुए रात-दिन एकदिवसीय मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 46 रनों से हराया। भारत द्वारा दिए गए 259 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 46.3 ओवरों में 212 रनों पर ही सिमट गई।
इस बार उत्तर प्रदेश के छोरे सुरेश रैना ने कमाल दिखाया। रैना को मैन आफ द मैच का खिताब दिया गया। रैना ने 76 रन बनाकर न सिर्फ भारतीय पारी को संभाला बल्कि सनथ जयसूर्या और थुशारा के शानदार कैच भी लपके।
प्रेमदासा स्टेडियम में खेले इस मैच के अंतिम क्षण भारतीय टीम के लिए यादगार रहे। मैच के 47वें ओवर में जहीर खान की गेंद पर जैसे ही सुरेश रैना ने थुशारा मिरांडो का कैच बाउंड्री के पास पकड़ा, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने स्टम्प उखाड़ा और जहीर खान को लपक कर गले लगा लिया। इस खुश में टीम इंडिया के बाकी खिलाडि़यों का उत्साह भी कई गुना बढ़ गया था। आखिर क्यों न हो श्रीलंका की जमीन पर पहली एकदिवसीय सीरीज जो जीती थी।
काम नहीं आयी जयसूर्या की विस्फोटक पारी
मैच में भारत ने सभी विकेट खोकर 259 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में उतरी श्रीलंका की पूरी टीम 212 रनों पर ढेर हो गई। विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने ताबड़तोड़ 52 गेंदों में 60 रनों की पारी खेलते हुए शुरुआत में मजबूती दी, लेकिन कप्तान महेला जयवर्धने समेत बाकी के बल्लेबाज सस्ते में निपट गये। जयसूर्या के विकेट के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। हालांकि अंतिम ओवरों में थुशारा ने 40 रन बनाकर श्रीलंका के जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
श्रीलंका की पारी शुरु से ही कमजोर रही। 28 रनों के स्कोर पर वर्नपुरा का विकेट गंवाया और इसमें अभी 10 और रन जुड़े थे कि कलात्मक बल्लेबाज कुमार संगकारा भी आउट हो गये। कप्तान माहेला जयवर्धने ने 16 और कपूगेदरा ने 30 रन बनाये।
भारत की ओर से हरभजन सिंह ने 10 ओवरों में तीन विकेट झटके, जबकि मुनाफ पटेल और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट और जहीर खान ने एक विकेट लिया। इससे पहले भारतीय पारी में युवा बल्लेबाज सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की संयम भरी अर्धशतकीय पारियां खेलीं। भारतीय टीम ने 49.4 ओवरों में 258 रन बनाये।
थुशारा सबसे सफल गेंदबाज रहे
रैना ने 78 गेंदों में छह चौकों व एक छक्के की मदद से 76 रन बनाए जबकि कप्तान धोनी ने 80 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 71 रनों की पारी खेली। भारत ने अपने अंतिम पांच विकेट महज 26 रनों पर गंवा दिए। हालांकि सलामी बल्लेबाज विराट कोहली ने भी 54 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली।
श्रीलंका की ओर से थुशारा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने पांच विकेट झटके। चामिंडा वास, कुलसेकरा, मुथैया मुरलीधरन और अजंथा मेंडिस ने एक-एक विकेट लिये। इस मैच में चामिंडावास ने भी एकदिवसीय मैचों में अपने 400 विकेट पूरे कर लिए।
इससे पहले श्रीलंका में भारत-लंका के बीच हुई तीन सीरीज में पहली ड्रॉ हुई, जबकि दूसरी और तीसरी सीरीज पर श्रीलंका ने कब्जा किया था। वर्तमान सीरीज का चौथा व अंतिम मैच 29 अगस्त को खेला जाना है।
बुधवार को हुए रात-दिन एकदिवसीय मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 46 रनों से हराया। भारत द्वारा दिए गए 259 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 46.3 ओवरों में 212 रनों पर ही सिमट गई।
इस बार उत्तर प्रदेश के छोरे सुरेश रैना ने कमाल दिखाया। रैना को मैन आफ द मैच का खिताब दिया गया। रैना ने 76 रन बनाकर न सिर्फ भारतीय पारी को संभाला बल्कि सनथ जयसूर्या और थुशारा के शानदार कैच भी लपके।
प्रेमदासा स्टेडियम में खेले इस मैच के अंतिम क्षण भारतीय टीम के लिए यादगार रहे। मैच के 47वें ओवर में जहीर खान की गेंद पर जैसे ही सुरेश रैना ने थुशारा मिरांडो का कैच बाउंड्री के पास पकड़ा, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने स्टम्प उखाड़ा और जहीर खान को लपक कर गले लगा लिया। इस खुश में टीम इंडिया के बाकी खिलाडि़यों का उत्साह भी कई गुना बढ़ गया था। आखिर क्यों न हो श्रीलंका की जमीन पर पहली एकदिवसीय सीरीज जो जीती थी।
काम नहीं आयी जयसूर्या की विस्फोटक पारी
मैच में भारत ने सभी विकेट खोकर 259 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में उतरी श्रीलंका की पूरी टीम 212 रनों पर ढेर हो गई। विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने ताबड़तोड़ 52 गेंदों में 60 रनों की पारी खेलते हुए शुरुआत में मजबूती दी, लेकिन कप्तान महेला जयवर्धने समेत बाकी के बल्लेबाज सस्ते में निपट गये। जयसूर्या के विकेट के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। हालांकि अंतिम ओवरों में थुशारा ने 40 रन बनाकर श्रीलंका के जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
श्रीलंका की पारी शुरु से ही कमजोर रही। 28 रनों के स्कोर पर वर्नपुरा का विकेट गंवाया और इसमें अभी 10 और रन जुड़े थे कि कलात्मक बल्लेबाज कुमार संगकारा भी आउट हो गये। कप्तान माहेला जयवर्धने ने 16 और कपूगेदरा ने 30 रन बनाये।
भारत की ओर से हरभजन सिंह ने 10 ओवरों में तीन विकेट झटके, जबकि मुनाफ पटेल और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट और जहीर खान ने एक विकेट लिया। इससे पहले भारतीय पारी में युवा बल्लेबाज सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की संयम भरी अर्धशतकीय पारियां खेलीं। भारतीय टीम ने 49.4 ओवरों में 258 रन बनाये।
थुशारा सबसे सफल गेंदबाज रहे
रैना ने 78 गेंदों में छह चौकों व एक छक्के की मदद से 76 रन बनाए जबकि कप्तान धोनी ने 80 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 71 रनों की पारी खेली। भारत ने अपने अंतिम पांच विकेट महज 26 रनों पर गंवा दिए। हालांकि सलामी बल्लेबाज विराट कोहली ने भी 54 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली।
श्रीलंका की ओर से थुशारा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने पांच विकेट झटके। चामिंडा वास, कुलसेकरा, मुथैया मुरलीधरन और अजंथा मेंडिस ने एक-एक विकेट लिये। इस मैच में चामिंडावास ने भी एकदिवसीय मैचों में अपने 400 विकेट पूरे कर लिए।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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