टीम को उचित प्रशंसा नहीं मिल रहीः धोनी
मुम्बई, 20 मार्चः कॉमनवेल्थ बैंक त्रिकोणीय सिरीज में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि उनकी टीम को उचित प्रशंसा नहीं मिल रही है.
सीनियर खिलाड़ियों को टीम में न लेने पर आलोचनाओं का शिकार हुए धोनी ने कहा कि कई बार स्पष्ट शब्दों में संदेश देना बहुत ज़रूरी होता है.
एक प्रमुख क्रिकेट वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में धोनी ने कहा कि भारतीय टीम की जीत उन तमाम लोगों के मुंह बंद कर देगी जिन्होंने टीम में युवाओं को जगह देने पर आपत्ति जताई थी.
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे में टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ को टीम में जगह नहीं दी गई थी.
धोनी ने कहा, "मैं जिस तरह की टीम चाहता था उसे लेकर मेरे ज़हन में कहीं कोई संदेह नहीं था और ये मैंने चयनकर्ताओं को भी बता दिया था. आप देख सकते हैं मुझे जो टीम दी गई थी वो कामयाब रही."
धोनी ने कहा, "टीम के चयन और समय को लेकर काफ़ी सवाल उठ रहे थे. लेकिन कई बार साफ़ शब्दों में संदेश देना ज़रूरी होता है. नहीं तो लोग आपकी बातों को हल्के में ले लेते हैं."
धोनी ने अपने इस इंटरव्यू में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आक्रामक रुख़ अपनाने का टीम को फ़ायदा मिला है. उन्होंने कहा कि सिर्फ बल्ले और बॉलिंग के सहारे मैच नहीं जीता जा सकता बल्कि ऑस्ट्रेलिया को उसी के आधार पर हराना जरुरी था. धोनी का कहना है कि मैदान में जो भी विवाद हुआ वह एक सोची समझी रणनीति थी. उन्होंने कहा कि "हमें मैदान में साबित करना था कि हमारा आक्रामक रुख़ सिर्फ़ खबरों में आने के लिए नहीं है. हम चाहते थे कि लोग देखें कि भारतीय टीम इस तरीक़े से भी खेल सकती है."
धोनी का कहना था, "हमारी टीम में ऐसे लोग हैं जो आक्रामक तेवरों के साथ सिर्फ़ बोलना ही नहीं जानते बल्कि, वो मैदान पर कमाल भी करके दिखाते हैं."
धोनी ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को दो लगातार फाइनल में हराने का पूरा श्रेय अपनी कप्तानी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी को दिया है. इंटरव्यू में एकदिवसीय श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया को हराने की चर्चा करते हुए धोनी ने कहा है कि “ हमने 20-ट्वेंटी में सबसे बुरी हार भले ही झेली लेकिन सीबी सीरीज में हमने सबसे अच्छी जीत हासिल की."
टीम के चयन में अपनी मर्जी चलाने की चर्चा करते हुए धोनी ने इस इंटरव्यू में कहा है कि “ मेरे सामने साफ था कि मैं किन खिलाड़ियों को टीम में चाहता था. मैंने यही बात चयनकर्ताओं को भी बता दी. आप देख सकते हैं कि मुझे किस तरह की टीम मिली."
सीनियर खिलाड़ियों को टीम में न लेने पर आलोचनाओं का शिकार हुए धोनी ने कहा कि कई बार स्पष्ट शब्दों में संदेश देना बहुत ज़रूरी होता है.
एक प्रमुख क्रिकेट वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में धोनी ने कहा कि भारतीय टीम की जीत उन तमाम लोगों के मुंह बंद कर देगी जिन्होंने टीम में युवाओं को जगह देने पर आपत्ति जताई थी.
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे में टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ को टीम में जगह नहीं दी गई थी.
धोनी ने कहा, "मैं जिस तरह की टीम चाहता था उसे लेकर मेरे ज़हन में कहीं कोई संदेह नहीं था और ये मैंने चयनकर्ताओं को भी बता दिया था. आप देख सकते हैं मुझे जो टीम दी गई थी वो कामयाब रही."
धोनी ने कहा, "टीम के चयन और समय को लेकर काफ़ी सवाल उठ रहे थे. लेकिन कई बार साफ़ शब्दों में संदेश देना ज़रूरी होता है. नहीं तो लोग आपकी बातों को हल्के में ले लेते हैं."
धोनी ने अपने इस इंटरव्यू में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आक्रामक रुख़ अपनाने का टीम को फ़ायदा मिला है. उन्होंने कहा कि सिर्फ बल्ले और बॉलिंग के सहारे मैच नहीं जीता जा सकता बल्कि ऑस्ट्रेलिया को उसी के आधार पर हराना जरुरी था. धोनी का कहना है कि मैदान में जो भी विवाद हुआ वह एक सोची समझी रणनीति थी. उन्होंने कहा कि "हमें मैदान में साबित करना था कि हमारा आक्रामक रुख़ सिर्फ़ खबरों में आने के लिए नहीं है. हम चाहते थे कि लोग देखें कि भारतीय टीम इस तरीक़े से भी खेल सकती है."
धोनी का कहना था, "हमारी टीम में ऐसे लोग हैं जो आक्रामक तेवरों के साथ सिर्फ़ बोलना ही नहीं जानते बल्कि, वो मैदान पर कमाल भी करके दिखाते हैं."
धोनी ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को दो लगातार फाइनल में हराने का पूरा श्रेय अपनी कप्तानी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी को दिया है. इंटरव्यू में एकदिवसीय श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया को हराने की चर्चा करते हुए धोनी ने कहा है कि “ हमने 20-ट्वेंटी में सबसे बुरी हार भले ही झेली लेकिन सीबी सीरीज में हमने सबसे अच्छी जीत हासिल की."
टीम के चयन में अपनी मर्जी चलाने की चर्चा करते हुए धोनी ने इस इंटरव्यू में कहा है कि “ मेरे सामने साफ था कि मैं किन खिलाड़ियों को टीम में चाहता था. मैंने यही बात चयनकर्ताओं को भी बता दी. आप देख सकते हैं कि मुझे किस तरह की टीम मिली."
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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