उत्कृष्ट कप्तान हैं धोनी: वेंगसरकर
कोलंबो, 28 अगस्त: श्रीलंका की जमीन पर पहली बार एकदिवसीय सीरीज छीन कर महेंद्र सिंह धोनी की ब्रिगेड ने इतिहास रच दिया। धोनी ब्रिगेड के खेल पर पूर्व टेस्ट कप्तान और चयनसमिति के अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि धोनी टीम इंडिया के लिए सफल कप्तान हैं।
कप्तान के पद के लिए धोनी से उपयुक्त इस समय कोई नहीं है। जिस तरह धोनी ने लंकाई खिलाडि़यों से टेस्ट सीरीज की हार का बदला लिया है, वो वाकई काबिले तारीफ है। धोनी ने अपने खिलाडि़यों को मानसिक रूप से तैयार करते हुए लंका पर विजय पायी।
भारत द्वारा श्रीलंका पर चौथे एक दिवसीय में जीत दर्ज करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए वेंगसरकर ने कहा कि जिस तरह से धोनी टीम इंडिया में तालमेल बैठाकर चलते हैं, उस तरह आगे के मैचों में भारत का विजय अभियान जारी रहेगा।
वेंगसरकर ने कहा कि जिस तरह महज एक हफ्ते पहले तक भारतीय टीम मुरलीधरन और मेंडिस के खौफ से ग्रसित थी, उसे देखते हुए टीम इंडिया का सीरीज जीतना असंभव था। लेकिन धोनी ने अपने खिलाडि़यों के अंदर से उस खौफ को निकालने में अहम भूमिका अदा की है। धोनी हमेशा अपने खिलाडि़यों से कहते रहे कि जीत के लिए मेंडिस की गेंदों को पीटना जरूरी है।
नये खिलाडि़यों की सराहना की
वेंगसरकर ने नये खिलाडि़यों की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो मैचों में जिस तरह की कांटे की टक्कर रही, उसे देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि टीम इंडिया के नये खिलाडि़यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
तीसरे मैच में सुब्रामणियम बद्रीनाथ ने टीम को खराब दौर में मजबूती प्रदान की। बद्रीनाथ और सुरेश रैना ने मध्यमक्रम की बल्लेबाजी को मजबूत किया है। वहीं टीम इंडिया को विराट कोहली के रूप में एक अच्छा ओपनर भी मिला है। उन्होंने कहा कि नये खिलाडि़यों ने जिस तरह से अवसरों को कैश कराया है, वो तारीफ के काबिल है।
कप्तान के पद के लिए धोनी से उपयुक्त इस समय कोई नहीं है। जिस तरह धोनी ने लंकाई खिलाडि़यों से टेस्ट सीरीज की हार का बदला लिया है, वो वाकई काबिले तारीफ है। धोनी ने अपने खिलाडि़यों को मानसिक रूप से तैयार करते हुए लंका पर विजय पायी।
भारत द्वारा श्रीलंका पर चौथे एक दिवसीय में जीत दर्ज करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए वेंगसरकर ने कहा कि जिस तरह से धोनी टीम इंडिया में तालमेल बैठाकर चलते हैं, उस तरह आगे के मैचों में भारत का विजय अभियान जारी रहेगा।
वेंगसरकर ने कहा कि जिस तरह महज एक हफ्ते पहले तक भारतीय टीम मुरलीधरन और मेंडिस के खौफ से ग्रसित थी, उसे देखते हुए टीम इंडिया का सीरीज जीतना असंभव था। लेकिन धोनी ने अपने खिलाडि़यों के अंदर से उस खौफ को निकालने में अहम भूमिका अदा की है। धोनी हमेशा अपने खिलाडि़यों से कहते रहे कि जीत के लिए मेंडिस की गेंदों को पीटना जरूरी है।
नये खिलाडि़यों की सराहना की
वेंगसरकर ने नये खिलाडि़यों की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो मैचों में जिस तरह की कांटे की टक्कर रही, उसे देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि टीम इंडिया के नये खिलाडि़यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
तीसरे मैच में सुब्रामणियम बद्रीनाथ ने टीम को खराब दौर में मजबूती प्रदान की। बद्रीनाथ और सुरेश रैना ने मध्यमक्रम की बल्लेबाजी को मजबूत किया है। वहीं टीम इंडिया को विराट कोहली के रूप में एक अच्छा ओपनर भी मिला है। उन्होंने कहा कि नये खिलाडि़यों ने जिस तरह से अवसरों को कैश कराया है, वो तारीफ के काबिल है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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