
दांव पर लगी वनडे सीरीज
अहम बात यह है कि दूसरे वनडे में हार्दिक पांड्या टीम का हिस्सा थे लेकिन बावजूद इसके उन्होंने गेंदबाजी नहीं की और एक भी ओवर नहीं डाला। जिसके बाद सवाल खड़ा होने लगा कि आखिर क्यों पांड्या को गेंदबाजी नहीं दी गई। इससे पहले टी-20 मुकाबलों में हार्दिक पांड्या ने मैच में 3-4 ओवर गेंदबाजी की थी, लेकिन वनडे मुकाबलों में उन्हें गेंदबाजी नही दी गई। वहीं जब इस बाबत कप्तान विराट कोहली से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमे हार्दिक के शरीर के वर्क लोड को मैनेज करना है। हमे यह समझना होगा कि उनकी स्किल की जरूरत कहां है। इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेला जाना है, लिहाजा हमारे लिए यह जरूरी है कि वह फिट रहे।

वनडे को गंभीरता से नहीं ले रहा मैनेजमेंट
विराट कोहली के इस जवाब से पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग खुश नहीं हैं। वीरेंद्र सहवाग ने वनडे को गंभीरता से नहीं लेने को लेकर टीम मैनेजमेंट की आलोचना की है। सहवाग ने कहा कि अगले 2-3 महीने कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला जाएगा और हार्दिक पांड्या ने पिछले कुछ महीनों में बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेली है। लिहाजा वो आसानी से कुछ ओवर गेंदबाजी मैच में कर सकते थे और मैच को शायद बचाया जा सकता था।

50 ओवर फील्डिंग से भी थकान होती है
सहवाग ने कहा कि अब आईपीएल खेला जाएगा, तो आप कह रहे हैं कि हमे वनडे सीरीज गंवाने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि हमे हार्दिक पांड्या के वर्क लोड को मैनेज करना है। अगर इस वर्कलोड में 4-5 ओवर गेंदबाजी करना शामिल नहीं है तो यह गलत है। लेकिन उन्होंने एक भी ओवर गेंदबाजी नहीं की, यह ठीक नहीं है। 50 ओवर तक फींल्डिंग करने से भी थकान होती है। अगर वो 4-5 ओवर गेंदबाजी करते तो उनके वर्कलोड में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होती।

कौन तय करता है वर्कलोड
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि हार्दिक पांड्या का वर्कलोड कौन तय करता है और यह अधिक हो गया यह कैसे तय होता है। पांड्या अपनी सर्जरी से वापस हो चुके हैं, उन्होंने बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेली है। वो टेस्ट मैच में नहीं खेलते हैं। उन्होंने 5 टी-20 मैच खेला है और सिर्फ 2-3 मैचों में गेंदबाजी की। लिहाजा अभी तक उन्होंने कोई दबाव नहीं लिया है। लिहाजा संभव है कि आईपीएल से पहले खुद हार्दिक ने ओडीआई में गेंदबाजी से ब्रेक मांगा हो।


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