
वनडे सीरीज में हार इतनी गंभीर नहीं कि विचार किया जाये
मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए युजवेंद्र चहल ने कहा कि कीवी टीम के खिलाफ मिली 3-0 से हार कोई बड़ी बात नहीं है और न ही इतनी गंभीर मसला है जिस पर मंथन करने की जरूरत है।
चहल ने कहा, ‘कुल मिलाकर अगर आप देखो तो पिछले चार-पांच साल में हमने सिर्फ चौथी या पांचवीं सीरीज गंवाई है। दूसरी टीम भी खेलती है। आप प्रत्येक मैच नहीं जीत सकते। हमने एक सीरीज जीती, दूसरी हार गए, इसलिए यह हार इतनी गंभीर नहीं है कि जिस पर बैठकर मंथन किया जाए।'

कीवी दौरे से काफी कुछ सीखेंगे युवा खिलाड़ी
युजवेंद्र चहल ने कीवी दौरे पर अब तक खेले गये मैचों को लेकर कहा कि न्यूजीलैंड में खेलने के अनुभव से हमारी टीम के युवा खिलाड़ी काफी कुछ सीखेंगे। यहां खेलना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा, ‘ न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं होता। पहली बार वनडे टीम में डेब्यू करने के लिये पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल को भारत के बाहर खेलने का मौका मिला। यह इन खिलाड़ियों के लिये काफी अनुभव देने वाला रहेगा। हमने पहली बारी न्यूजीलैंड में टी20 श्रृंखला 5-0 से जीती, जो कि हमारे लिए भी सकारात्मक पक्ष है। कुल मिलाकर देखें तो यह सिर्फ एक वनडे श्रृंखला थी। '

राहुल-अय्यर से मजबूत हुआ भारत का मध्यक्रम
ओवल के मैदान पर भारतीय टीम के लिये विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने जहां करियर का चौथा वनडे शतक लगाया वहीं श्रेयस अय्यर ने भी सीरीज का दूसरा अर्धशतक लगाया। मैच के बाद चहल ने दोनों के खेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बेहतरीन प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘आप उनके अंदर आत्मविश्वास देख सकते हो। वे 25-26 साल के हैं और परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं। वे स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता खासतौर से तब जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों। राहुल ने शीर्ष क्रम में भी बल्लेबाजी की है। इसलिए यह परिपक्वता दिखाता है कि उसे पता है कि टीम को क्या जरूरत है।'

भारतीय टीम की खराब फील्डिंग बन रही चिंता का सबब
युजवेंद्र चहल ने कीवी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि वो हर विभाग में हमसे बेहतर खेले इसलिये सीरीज जीतने के हकदार थे। इस दौरान चहल ने भारतीय फील्डिंग के गिरते स्तर को चिंता का कारण बताते हुए कहा कि हमें इस पर काम करने की जरूरत है और ध्यान देना होगा कि हम क्या कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘कीवी टीम ने इस श्रृंखला में असाधारण प्रदर्शन किया। इसलिए हमें इसकी सराहना करनी होगी। हमारी तरफ से कई बार खराब फील्डिंग भी हुई। 10 में से एक श्रृंखला में ऐसा होता है, हमारे पास अगली एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला तक का समय है।'
चहल से जब यह पूछा गया कि विश्व कप के बाद वह और कुलदीप यादव एक साथ नहीं खेले हैं तो उन्होंने कहा, ‘रविंद्र जडेजा शानदार प्रदर्शन कर रहा है, फिर यह बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या क्षेत्ररक्षण। इसलिए आधे मैच मैं खेलता हूं और आधे कुलदीप।'


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