नागपुर। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को पारी व 239 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है। भारत की तरफ से आर अश्विन ने दूसरी पारी में सबसे ज्यादा 4 विकतेट लिए। भारत को मैच के चौथे ही दिन ही जीत दिखने लगी थी। मैच के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों में लंका के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की, लंका के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह से असहाय और लाचार नजर आए। पहली पारी में भारतीय टीम ने लंका के सामने पहाड़ जैसा 610 रन का स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम ने महज 6 विकेट खोकर 610 रन बनाए और पारी को घोषित कर दिया। पहली पारी में टीम इंडिया ने 405 रनों की लीड लेने के बाद पारी को घोषित किया। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक लंका ने 21 रन बनाकर एक विकेट गंवा दिया था।
लेकिन चौथे दिन का खेल शुरू होते ही भारत ने श्रीलंका को दूसरा झटका दिया। रविंद्र जडेजा ने दिमुथ करुनारत्ने को स्लिप में खड़े मुरली विजय के हाथों कैच लपकवाकर पवेलियन भेज दिया। दिमुथ ने मात्र 18 रन बनाए।
हालांकि उसके बाद उमेश यादव ने थिरिमाने को जडेजा के हाथो कैच लपकवाकर पवेलियन भेज दिया। थिरिमाने काफी सूझबूझ के साथ खेल रहे थे लेकिन उमेश के होमग्राउंड में उनका पहला शिकार बन गए। थिरिमाने ने 62 गेंदों में 23 रन बनाए।
थिरिमाने के बाद मैथ्यूज भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए और जडेजा ने उन्हें आउट कर श्रीलंका को चौथा झटका दिया। मैथ्यूज मात्र 10 रन ही बना सके। उसके बाद ईशांत ने डिकवेला को कोहली के हाथों कैच लपकवाकर श्रीलंका को पांचवा झटका दिया। डिकवेला 4 रन ही बना सके।
डिकवेला के बाद बल्लेबाजी करने आए दासुन शनाका ने तूफानी अंदाज में खेल दिखाना चाहा शनाका ने अश्विन के एक ओवर में एक चौका व दो छक्के लगाकर 16 रन बटोरे। हालांकि अश्विन ने अपने अगले ही ओवर में उन्हें केएल राहुल के हाथों कैच लपकवाकर पवेलियन भेज श्रीलंका को छटा झटका दिया। शनाका ने 8 गेंदों में 17 रन बनाए।
इसके बाद अश्विन ने परेरा को LBW आउट कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया। परेरा 0 पर आउट हुए। हालांकि परेरा के बाद एक गेंद खाली गई दूसरी गेंद पर अश्विन ने रंगना हेराथ को भी 0 पर आउट कर श्रीलंका को हार के करीब ला दिया।
हालांकि इस बीच श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चांडीमल ने सूझबूझ भरी पारी खेली और शानदार अर्धशतक जड़ हार के अंतर को कम कर दिया। हालांकि चांडीमल 61 रन बनाकर उमेश यादव का शिकार बने।
आखिर में आर अश्विन ने गमगे को 0 पर आउट कर न केवल भारत को जीत दिलाई बल्कि अपने 300 विकेट पूरे किए। इसी के साथ अश्विन सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं।