भारत बनाम वेस्टइंडीज या विराट बनाम पोलार्ड: कौन करेगा जीत से आगाज

By भोला दत्त असनोड़ा

आज से कोच्चि में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज का पहला मैच शुरू हो रहा है। इंग्लैंड में वनडे में शानदार प्रदर्शन के बाद इस सीरीज में भारत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. भारत जहां अपनी पूरी ताकत से इस सीरीज में उतरेगा वहीं वेस्टइंडीज को विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल और रहस्यमयी स्पिनर सुनील नारायण की कमी खलेगी।

भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे आज

इस सीरीज को अगले साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने जा रहे विश्व कप की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत की बात करें तो धोनी की कप्तानी में खासकर एकदिवसीय मैचों में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। मैच से पहले ही धोनी आजिंक्य रहाणे से ओपनिंग कराने का इशारा दे चुके हैं, उनके जोड़ीदार शिखर धवन भी पहले मैच से ही इंग्लैंड में मिली असफलता को धोने का प्रयास करेंगे।

आजिंक्य रहाणे से धोनी करायेंगे ओपनिंग!

फर्स्ट डाउन विराट कोहली को कुछ महीने पहले तक महान सचिन तेंदुलकर का उत्तराधिकारी बताया जा रहा था लेकिन इंग्लैंड दौरे में उनका बल्ला और फॉर्म इस कदर रूठा जिसकी कोहली ने भी उम्मीद नहीं की होगी। इंग्लैंड से लौटते ही कोहली सीधे सचिन तेंदुलकर की शरण में गये और पूरे एक सप्ताह उन्होंने सचिन के मार्गदर्शन में अभ्यास किया, इस सीरीज से कोहली को अपनी फॉर्म वापस पानी ही होगी।

सचिन के उत्तराधिकारी कोहली पर होंगी नजरें

2015 विश्व कप अगर भारत जीतना चाहता है तो उसमें विराट कोहली की ही अहम भूमिका होगी, क्योंकि वो बड़े मैच विजेता हैं। ऐसे में कोहली को रन बनाने की अपनी भूख फिर से जगानी होगी। भारत के लिये एक खुशी की बात ये है कि सुरेश रैना अब लगातार रन बनाना सीख गये हैं हालांकि उनकी प्रतिभा पर कभी किसी को कोई शक नहीं रहा लेकिन वो इससे पहले तक कभी-कभार इसकी झलक दिखा कर चुप हो जाते थे। पहले इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में धमाकेदार शतक और फिर चैंपियन लीग के फाइनल में तूफानी शतक इससे उनका हौसला सातवें आसमान पर होगा।

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सुरेश रैना

सुरेश रैना

उस पर रैना को टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री द्वारा विश्वास की खुराक भी मिल चुकी है। रवि शास्त्री सुरेश रैना के खेल के कायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि, मुझे समझ नहीं आ रहा कि रैना टेस्ट क्रिकेट में क्यों सफल नहीं हो पा रहे हैं। मेरी कोशिश होगी कि मैं रैना को टेस्ट मैचों के लिये तैयार कर सकूं. अगर टीम का डायरेक्टर किसी खिलाड़ी के लिये इतना बड़ा बयान देता है तो उस खिलाड़ी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होना स्वाभाविक ही है।

अंबाती रायुडू

अंबाती रायुडू

इसके बाद नंबर आता है अंबाती रायुडू का। हालांकि रायुडू को जब टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिये था तब नहीं मिला था। अब जब कि कृष्णा और कावेरी में बहुत पानी बह चुका है तो रायुडू को मौका मिल रहा है। उन्हें दिखाना होगा कि उनमें अब भी वो आग है जो उन्होंने जूनियर इंडिया खेलते हुये रनों की झड़ी लगाकर दिखाई थी. इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन रायुडू को विश्व कप का टिकट दिला सकता है।

धोनी-जडेजा

धोनी-जडेजा

धोनी तो धोनी हैं उनके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। रविंद्र जडेजा गेंद के साथ तो अच्छा कर रहे हैं, अब उन्हें बल्ले से भी दिखाना होगा कि वो अच्छे आलराउंडर हैं। रणजी में ट्रॉफी में तीन तिहरे शतक लगाने वाले रविंद्र जडेजा एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। इसकी झलक उन्हें अपने बल्ले से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी दिखानी होगी।

भुवनेश्वर

भुवनेश्वर

गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज उतने मारक नहीं हैं जितनी जरूरत है। भुवनेश्वर लयबद्ध गेंदबाज तो हैं, लेकिन पहले स्पेल में ही वो मारक साबित होते हैं. शमी ने जैसी शुरुआत की थी उसे वो कायम नहीं रख पाये. उमेश यादव अभी फिटनेस से ही जूझ रहे हैं. मोहित शर्मा अभी वो स्तर नहीं छू पाये हैं कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गेंदबाज कहा जाये।

रविंद्र जडेजा और अमित मिश्रा

रविंद्र जडेजा और अमित मिश्रा

स्पिन विभाग में जरूर भारत वेस्टइंडीज से इक्कीस नजर आता है।रविंद्र जडेजा और अमित मिश्रा की जोड़ी उनकी नाक में दम कर सकती है. देखना दिलचस्प होगा कि कुलदीप यादव को इस सीरीज में डेब्यू करने का मौका मिलता है या नहीं. हालांकि उन्हें अश्विन की जगह टीम में शामिल किया गया है. इससे तो उनके पहले ही मैच में खेलने की संभावना बनती है. क्योंकि जडेजा ऑलराउंडर की हैसियत से खेलेंगे. तेज गेंदबाजी में भुवनेश्वर और मोहम्मद शमी खेलेंगे तो जडेजा के अलावा दो स्पिनर खिलाये जा सकते हैं. क्योंकि कोच्ची की पिच में तेज गेंदबाजों के लिये करने को बहुत कुछ नहीं होगा।

वेस्टइंडीज

वेस्टइंडीज

अब मेहमान वेस्टइंडीज की बात करें तो क्रिस गेल की गैरमौजूदगी ही उनके लिये बहुत बड़ा झटका है. उस पर कोढ़ में खाज ये कि सुनील नारायण भी टीम में नहीं हैं. यानि कि दो बड़े मैच विनर टीम में हैं ही नहीं तो फिर वेस्टइंडीज वैसे ही दौड़ से बाहर नजर आ रहा है. हालांकि कैरेबियन्स अपनी फाइटिंग स्पिरिट के लिये प्रसिद्ध हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों में इस स्पिरिट में भी कमी आयी है।

किरोन पोलार्ड

किरोन पोलार्ड

लेकिन किरोन पोलार्ड अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं. एक दिन में तीन किलो से ज्यादा उबला हुआ चिकन खाने वाला ये महामानव भी अपने खेल में वो स्थिरता नहीं दिखा पाया जो कभी विवियन रिचर्ड्स, गार्डन ग्रीनीज और ब्रायन लारा दिखा चुके हैं. इनके बाजुओं में इतनी ताकत है कि इनका मिस टाइम शाट भी अस्सी मीटर से दूर जाकर गिरता है. पोलार्ड गेंद से भी उपयोगी हैं. उनकी फील्डिंग के तो क्या कहने. बाउंड्री लाइन पर जिस अंदाज में वो छह रन के लिये जाने वाले शॉट को कैच में तब्दील करते हैं वो दर्शनीय होता है।

दिनेश रामदीन

दिनेश रामदीन

दिनेश रामदीन इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। रामदीन इस श्रंखला में वेस्टइंडीज के लिये मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं. ड्वेन स्मिथ, लेंडल सिमंस, मर्लन सैमुअल्स और डेरेन सैमी जिस दिन फॉर्म में हों तो फिर वेस्टइंडीज को अच्छा प्रदर्शन करने से कोई नहीं रोक सकता है।

भारत बनाम वेस्टइंडीज

भारत बनाम वेस्टइंडीज

मैच दोपहर ढाई बजे मैच शुरू होगा. हालांकि मौसम विभाग से जो खबर है वो क्रिकेट प्रेमियों के लिये अच्छी नहीं है, क्योंकि उन्होंने बारिश की संभावना जताई है. फिर भी अगर मैच होता है तो भले ही भारतीय टीम वेस्टइंडीज से मजबूत नजर आ रही हो मेहमान उन्हें आसानी से मैच नहीं जीतने देंगे।

Story first published: Wednesday, October 8, 2014, 11:31 [IST]
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