
दूसरी पारी में भारत ने की बहादुरी से बल्लेबाजी
पहली पारी में 195 रनों की बढ़त के बाद, भारत ने बिगड़ती पिच पर दूसरी पारी में बहादुरी से बल्लेबाजी की। प्रमुख बल्लेबाज के असफल होने के बाद कप्तान विराट कोहली ने 62 रन की पारी खेली। गेंदबाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने बल्लेबाजी में भी इंग्लैंड के गेंदबाजों को धोया। उन्होंने 106 रनों की शतकीय पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का पांचवां शतक था। भारत की दूसरी पारी 286 रनों पर समाप्त हुई।

इंग्लैंड हासिल नहीं कर पाएगा टारगेट
भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 482 रनों का लक्ष्य रखा है। किसी भी टीम को कभी भी एशियाई पिचों पर इस तरह की चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। फरवरी 2021 में, वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश से मिले 395 रनों का लक्ष्य 3 विकेट रहते हासिल किया था, जो मीरपुर में खेला गया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप में एक सफल रन चेस का विश्व रिकॉर्ड है। दूसरी ओर, इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने अब तक का सबसे बड़ा टारगेट खड़ा किया है। इससे पहले, 2008 के चेन्नई टेस्ट में भारत ने 387 रनों का लक्ष्य इंग्लैंड को दिया था। ऐसे में भारत का 482 रन का लक्ष्य इंग्लैंड के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिगड़ती पिच पर इंग्लैंड के बल्लेबाज कब तक भारतीय स्पिन का सामना कर सकते हैं।

कोई भी टीम हासिल नहीं कर पाई इतना बड़ा लक्ष्य
इसके अलावा भारत के लिए अच्छी खबर यह भी है कि आज तक कोई भी टीम इतना बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है। टेस्ट में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकाॅर्ड विंडीज के पास है। विंडीज को 9 मई 2003 में आस्ट्रेलिया से 418 रनों का लक्ष्य मिला था। तब विंडीज ने 3 विकेट रहते इतना बड़ा स्कोर हासिल कर लिया था। 17 दिसंबर 2008 को आस्ट्रेलिया ने पर्थ में साउथ अफ्रीका को 414 का लक्ष्य दिया था, लेकिन साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट रहते इसे जीत लिया था। वहीं भारत ने 7 अप्रैल 1976 को पोर्ट आॅफ स्पेन में विंडीज से मिले 406 रनों के लक्ष्य को 6 विकेट रहते जीता था।


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