भोपाल/पटना/लखनऊ, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मुकाबलों ने कहीं घर-घर का जायका बिगाड़ दिया है तो कहीं युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी अपने ग्लैमर की चपेट में ले लिया है। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो आईपीएल के आगे सास और बहू जैसे सीरियलों का क्रेज कम जरूर हुआ है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आईपीएल ने तो जैसे घर-घर का जायका ही बिगाड़ दिया है। क्रिकेट के इस नये स्वरूप का रोमांच और सीरियलों की भरमार के कारण रात 8 बजे के बाद घरों में तनाव के हालात बन जाते हैं।
पेशे से शिक्षक संतोष कुमार बताते हैं कि आजकल क्रिकेट देखने को लेकर उनके घर में विवाद की स्थिति बन जाती है। वह शाम को नौकरी से लौट कर मैच देखना चाहते हैं और जब भी ऐसा करते हैं तो उनकी पत्नी रजनी से तनातनी हो जाती है। रजनी का तर्क है कि वह दिन भर तो घर के काम में लगी रहती है और शाम को सीरियल उनका मन बहलाते हैं, ऐसे में जब उनके पति अथवा बच्चे क्रिकेट देखने लगते हैं तो उन्हें गुस्सा आ ही जाता है।
वैसे तो आईपीएल के मैच दिल्ली, कोलकाता, मुंबई सहित अन्य जगहों पर हो रहे हैं लेकिन उसकी धमक से बिहार भी अछूता नहीं है। जीत के लिए जद्दोजहद मैदान में हो रहा है लेकिन टीवी में अपने-अपने पसंदीदा चैनलों को देखने की एक जंग चहारदीवारी के अंदर परिवारों के बीच भी लड़ी जा रही है। बिहार में यह घर-घर की कहानी बन गई है।
राजधानी पटना में विद्युत विभाग में सहायक लिपिक के पद पर कार्यरत शैलजा तिवारी का कहना है कि आईपीएल के मैचों ने तो एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बच्चों की जिद कार्टून सीरियल देखने की होती है तो घर के अन्य लोग आईपीएल के मैच देखने की रट लगाते हैं। इन सब के बीच मेरे पारिवारिक धारावाहिक देखने के अरमान कहीं दबे रह जाते हैं।
भोजपुरी सिनेमा के निर्देशक सुनील कुमार पांडेय की परेशानी कुछ अलग ही तरह की है। बच्चों एवं बीबी को जब वे आईपीएल मैच देखने के लिए नहीं मना पाये तो मैच देखने के लिए पड़ोसियों का सहारा लिया। पांडेय कहते हैं कि आईपीएल के मैच अब वे पड़ोसियों के यहां देखते हैं। घर के टीवी पर पत्नी एवं बच्चे अपने मनपसंद कार्यक्रमों को देखते हैं।
फिल्म निर्माता संजीव टोनी की पत्नी सोनी सिन्हा कहती हैं कि आईपीएल की धमक को देखते हुए हमलोगों ने एक और टीवी सेट खरीदने का निर्णय लिया था लेकिन महंगाई एवं व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हुआ, जिसके कारण परिवार में अपने-अपने मनपसंद कार्यक्रमों को देखने के लिए हमेशा घमासान की स्थिति रहती है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तो महिलाओं का सास-बहू के सीरियलों से मोहभंग होने लगा है। अब वे भी क्रिकेट के नये स्वरूप ट्वेंटी-20 को देखने के लिए घर के काम पहले ही निपटा लेती हैं।
गोमतीनगर में रहने वाली रिचा सिंह आमतौर पर रात के 9 बजे के बाद अलग-अलग चैनलों पर सास बहू के सीरियलों को देखती हैं। पर अब वह आईपीएल के बुखार की चपेट में आ गई हैं। वह अब 3 घंटे के ट्वेंटी-20 मैचों का मजा लेती हैं।
इंदिरानगर में रहने वाली नीरा श्रीवास्तव का मानना है कि आईपीएल में पूरी दुनिया के खिलाड़ी और बॉलीवुड के स्टार एक साथ दिख जाते हैं। ये बहुत दिलचस्प है। क्रिकेट का यह स्वरूप बहुत ही शानदार है।
बहरहाल, पुरुष वर्ग जहां आईपील के मुकाबले देखना चाहता है वहीं महिलाएं सीरियल को चूकने नहीं देना चाहती। इसका नतीजा यह है कि हर घर में सीरियल की तरह घर-घर की कहानी लिखी जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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