लक्ष्मण की वो एक 'स्पेशल पारी' जिसकी वजह से बचा था सौरव गांगुली का करियर
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के संकटमोचक और स्टाइलिश बल्लेबाजों में शामिल वीवीएस लक्ष्मण खेल के मैदान पर हमेशा लाइमलाइट से दूर रहे। कलाईयों का यह जादूगर ना तो किसी विवाद में फंसा ना ही मैदान के बाहर उनकी प्रोफाइल उनकी ही टीम के अन्य समकक्ष दिग्गजों की तरह रही। सचिन, राहुल और गांगुली की त्रिमूर्ति के दौर में लक्ष्मण शांति से अपना काम करते रहे। हालांकि खेल से संन्यास लेने के बाद लक्ष्मण ने अब अपनी आत्मकथा के जरिए उनके करियर के दौरान कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया है।

281 ऐंड बियोंड और डेट सेव्ड सौरभ गांगुली करियर !
मैच फिक्सिंग के कारण खराब दौर से गुजर रही टीम इंडिया की सौरभ गांगुली को सौंपी गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में हार के बाद भारतीय टीम 0-1 से पीछे थी और कोलकाता टेस्ट में उसे फॉलोऑन खेलने के लिए कहा गया था, लेकिन लक्ष्मण की 281 और राहुल द्रविड़ की 180 रन की पारी और दोनों के बीच पांचवें विकेट की 376 रन की साझेदारी से भारत 171 रन की यादगार से जीत गया। इस हार के साथ स्टीव वॉ की टीम का लगातार 16 जीत का सफर भी थम गया। इस दौरान सौरव गांगुली ने मजाक में कहा कि ‘मैंने एक महीना पहले उसे एमएमएस किया था लेकिन उसे जवाब नहीं दिया। मैने कहा था किताब का टाइटल ‘281 ऐंड बियोंड और डेट सेव्ड सौरभ गांगुली करियर' होना चाहिए था क्योंकि अगर हम हार जाते तो दोबारा मुझे कप्तानी नहीं मिलती।

लक्ष्मण को वनडे के लिए नहीं चुनना गलती थी:
टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की वजह से धाक जमाने वाले लक्ष्मण को वनडे के लिए कम ही चुना गया। वह सिर्फ 86 एकदिवसीय मैच खेल पाए। लक्ष्मण को 2003 विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका जाने वाली टीम से बाहर कर दिया गया। गांगुली ने कहा कि शायद यह गलती थी।उन्होंने कहा, ‘लक्ष्मण ऐसा खिलाड़ी था जो सभी प्रारूपों में अच्छा कर सकता था। शायद यह गलती थी।

छुट्टी पर जाने के बाद संन्यास का फैसला:
वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि अपने करियर का सबसे बुरा के दौरान जब वह अपने दोस्तों के बाद छुट्टी पर अमेरिका गए तो उन्होंने खेल छोड़ने का मन बना लिया था। कोलकाता में लक्ष्मण की इस किताब के विमोचन के दौरान जहीर खान भी मौजूद रहे।
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