नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली क्रिकेट श्रृंखला को लेकर चर्चा तेज है। मैदान पर स्लेजिंंग को लेकर कहा जा रहा है कि आस्ट्रेलिया टीम ने मैदान ने अपने इस अशिष्ट व्यवहार में बदलाव किया है। अब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मैदान पर नरम रुख अख्तियार कर रहे हैं। इस बाबत भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बयान दिया है ।भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि श्रृंखला का नतीजा क्या होगा यह क्रिकेट का स्तर तय करेगा।आस्ट्रेलियाई टीम पिछले कई वर्षों से आक्रामक क्रिकेट खेलती आई है जिसमें छींटाकशी भी शामिल रहती है।
हाल ही में बॉल टैंपरिंग विवाद में स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर पर प्रतिबंध के बाद से ऑस्ट्रेलिया के रवैये में बदलाव आया है। ।शास्त्री ने इस दौरे की पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ''अंत में आपका क्रिकेट बोलता है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ग्लेन मैकग्रा या शेन वार्न कुछ कहते हैं या नहीं, वे इसके बावजूद विकेट हासिल करते।''
उन्होंने कहा, ''यह सामान्य सी बात है। आप जिस चीज में अच्छे हो वह काम कर रहे हो और लगातार कर रहे हो तो यह मायने नहीं रखता कि आप किस टीम की ओर से खेल रहे हो। वह क्रिकेटर अच्छा प्रदर्शन करेगा और उसकी टीम भी।''कप्तान विराट कोहली ने भी दौरे पर रवाना होने से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि प्रदर्शन करने के लिए उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा है और वह अपना उत्साह बढ़ाने के लिए बेकार की शाब्दिक जंग पर निर्भर नहीं हैं।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में भारत के जीतने के सवाल पर रवि शास्त्री ने कहा कि भारत अपनी गलतियों से सीख रहा है । जब आप विदेशी दौरे पर होते हैं तो आपके सामने कई पहलू होते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 90 के दशक में कुछ दौरे किए हैं और दक्षिण अफ्रीका ने भी ऐसा किया है लेकिन इन दो टीमों के अलावा और पिछले पांच-छह सालों में कौन सी टीमें हैं जो विदेश दौरे पर अच्छा प्रदर्शन कर पाई हैं तो फिर भारत को लेकर ही सवाल क्यों किया जा रहा है। शास्त्री ने कहा कि स्कोरबोर्ड पर रन नहीं बल्कि कांटे की टक्कर वाले मैच बताते हैं कि हमने कैसा प्रदर्शन किया है।