
तितर-बितर हुआ भारतीय टॉप ऑर्डर
ऐसे में लग रहा था कि भारतीय बल्लेबाजी आसानी से यह स्कोर हासिल कर सकती है। पांच शतक जड़ने वाले रोहित शर्मा एक नए अवतार में थे तो वहीं राहुल ने भी पिछले मैच में शतक जड़ने का कारनामा किया था और फिर कप्तान कोहली तो थे ही। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो सका और ये दिग्गज नाम 'तू चल मैं आता हूं' की तर्ज पर आउट होते गए। भारतीय टीम के इस प्रदर्शन से एक बार फिर यह बात साबित हो जाती है कि लीग मैचों के कम दबाव में शतक लगाने का तब तक कोई खास मतलब नहीं है जब तक की आप बड़े स्टेज पर नॉकआउट मुकाबलों में अर्धशतक भी ना लगा सको।

कोहली का निराशाजनक नॉकआउट खेल
विराट कोहली के लिए यह बात कहीं ज्याद सटीक बैठती है। उनको दुनिया का आला दर्जे का खिलाड़ी भी कहा जाता है। लेकिन उनके विश्व कप नॉक आउट मैचों के आंकड़े बेहद साधारण हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में वे केवल 1 रन बनाकर बोल्ट का शिकार हो गए। आपको जानकर हैरानी होगी कि कोहली विश्व कप के 6 नॉकआउट मुकाबलों में अब तक केवल 73 ही रन बना पाए हैं और उनका औसत मात्र 12.16 का और स्ट्राइक रेट केवल 56.15 का रहा है। उन्होंने इस दौरान सर्वाच्च स्कोर केवल 35 रन बनाया था जबकि चार मौकों पर तो वे खाता भी नहीं खोल सके।

टॉप ऑर्डर मतलब भारत की 'आधी टीम'
एक बड़े बल्लेबाज की हैसियत पर यह आंकड़े एक उतना ही बड़ा सवाल पूछ रहे हैं। खास बात यह है कि भारत, न्यूजीलैंड के खिलाफ जहां 70 प्रतिशत जीत की संभावना के साथ पारी की शुरूआत करने उतरा था तो वहीं कोहली एंड कंपनी के टॉप आर्डर के सरकते ही यह संभावना केवल 27 प्रतिशत रह गई। खबर लिखे जाने तक दिनेश कार्तिक भी 6 रन बनाकर टीम का साथ छोड़ चुके थे।
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