नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच में बारिश ने कई बार खलल डाला लेकिन अच्छी बात यह रही कि मुकाबले का नतीजा आसानी से निकल गया। इस मैच में भारत ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 336 रन बनाए थे। जिसके जवाब में पाक बल्लेबाजों ने लचर प्रदर्शन किया था। जब पाकिस्तान की टीम 35 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 166 रन बना चुकी थी तब मैच में एक बार फिर से बारिश आ गई और खेल रोकना पड़ा।
उस समय डकवर्थ लुईस नियम के हिसाब से पाकिस्तान 86 रन पीछे था। यानी अगर मैच वही पर खत्म हो जाता तो पाकिस्तान के ऊपर भारत को 86 रनों की जीत मिल जाती। देखा जाए तो यह मैच यहां भी खत्म हो सकता था लेकिन अंपायरों ने बारिश रुकने का इंतजार किया और जब काफी देर बाद खेल चालू हुआ तो यह घटाकर 40 ओवरों का कर दिया गया था। तब पाकिस्तान को जीत के लिए 302 रन बनाने का नया टारगेट दिया गया।
इसका मतलब यह था कि पाकिस्तान को अगले 5 ओवर में 28 के रन रेट से बैटिंग करनी थी जो लगभग असंभव था। ऐसे में आईसीसी क्रिकेट दिग्गजों के निशाने पर आ गया है। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान जैसे खिलाड़ियों समेत अन्य जानकार लोगों का मानना है कि यह मैच बारिश के समय 35 ओवर में ही समाप्त कर देना चाहिए था। लेकिन आईसीसी ने अब इस बात का खुलासा किया है कि उसने मैच 40 ओवर तक जारी रखने का फैसला क्यों किया।
आईसीसी के एक प्रवक्ता ने बताया, 'विश्व कप जैसी प्रतियोगिता में नेट रन रेट बहुत अहम भूमिका निभा सकता है। खासकर तब जब टीमों के अंक बराबर हों ऐसे में खेल को जल्द खत्म करना गलत होता क्योंकि ऐसा करने से पाकिस्तान के हाथ से उसका रन रेट सुधारने का मौका छीनने जैसे होता।' इसलिए आईसीसी ने अधिकतम ओवर तक मैच चालू रखने का फैसला किया। आपको बता दें कि इस मैच में पाकिस्तान को 89 रनों से हार (डकवर्थ-लुईस) का सामना करना पड़ा था।