विवियन रिचर्ड्स को नीना गुप्ता की निगाहों ने किया था क्लीन बोल्ड
बैंगलुरू। क्रिकेट की दुनिया का बहुत बड़ा नाम विवियन एलेक्जेंडर रिचर्ड्स या विवियन रिचर्डस के आगे बड़े-बड़े गेंदबाज बुरी तरह से थर्राते थे।
अस्सी के दशक में क्रिकेट के कैनवस का यह नायाब सितारा हर देश के लिए चुनौती बना हुआ था लेकिन मैदान पर चौके-छक्के की बारिश करने वाला ये हसीन क्रिकेटर भारतीय हसीना नीना गुप्ता की निगाहों और अदाओं की वजह से इश्क की पिच पर क्लीन बोल्ड हो गया था।
इंडिया ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल मीडिया की टॉप खबर
ये बात उस समय केवल इंडिया में ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल मीडिया की टॉप खबरों में से एक थी। दोनों की परवरिश, सोच, लाइफ सब कुछ बहुत अलग था, बावजूद इसके दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ी और इस कदर चढ़ी जिसने दो देशों में तहलका मचा दिया क्योंकि नीना के प्यार में गिरफ्तार होने से पहले ही विवियन मैरड थे।
वो अपनी पहली शादी को तोड़ना नहीं चाहते थे और इसलिए नीना गुप्ता से शादी कर नहीं सकते थे, बावजूद इसके दोनों ने अपने प्यार को तरजीह थी, जिसका जीता जागता उदाहरण बेटी मसाबा है, जिसको नीना ने साल 1989 में बिना विवियन से शादी किये जन्म दिया था। दोनों ने ये साबित कर दिया था कि प्यार को बंधन में बांधना जरूरी नहीं।
बिन ब्याहे मां बनना एक बोल्ड कदम
नीना के इस कदम पर काफी इशू बना था क्योंकि बिन ब्याहे मां बनना एक बोल्ड कदम था जिसकी भारतीय समाज शास्त्रियों ने काफी आलोचना की थी लेकिन दोनों (नीना और विवियन) को कोई फर्क नहीं पड़ा। हालांकि बेटी के जन्म के बाद नीना की लाइफ में काफी बदलाव आया, कहा जाता है कि इसके बाद नीना गुप्ता और विवियन का मिलना जुलना काफी कम हो गया था, दोनों के बीच में दूरियां आ गईं थी और इसी वजह से दोनों अलग हो गये।
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हालांकि विवियन आज भी अपने पापा वाला रोल बखूबी निभा रहे हैं क्योंकि एक इंटरव्यू में नीना ने कहा था कि विवियन साल में दो-तीन बार बेटी से मिलने आते हैं और पापा का कर्तव्य अच्छे से निभा रहे हैं। फिलहाल नीना ने बेटी के जन्म के करीब 19 साल बाद दिल्ली में रहने वाले चार्टर्ड अकाउटेंट विवेक मेहरा से शादी कर ली और अब वो उन्हीं के साथ जीवन बीता रही हैं।
आपको बता दें कि रिचर्ड्स दाएं हाथ के एक आक्रामक बल्लेबाज़ थे, जो गेंद पर काफी शक्ति से प्रहार करते थे, इसके अलावा वे स्लिप के अच्छे फील्डर और ऑफ़ स्पिनर भी थे। क्रिकेट इतिहास में उन्हे असाधारण प्रतिभा वाला क्रिकेटर कहा जाता है, रिचर्डस की आक्रमकता का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि अपने सत्रह साल के लंबे कैरियर के दौरान उन्होने कभी भी बैटिंग करते हुए हेल्मेट का इस्तेमाल नहीं किया।
एंटीगुआ का राष्ट्रीय नायक
1999 में क्रिकेट में अमूल्य योगदान को देखते हुए उन्हे एंटीगुआ का राष्ट्रीय नायक घोषित किया गया और उन्हे ऑर्डर ऑफ द नेशनल हीरों की उपाधि से सम्मानित भी किया गया था। रिचर्ड्स ने 121 टेस्ट मैच और 187 वनडे मैच खेले हैं और क्रमश: 8,540 और 6,721 रन बनाये हैं।
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