मेरे लिए बहुत अहम है राष्ट्रमंडल खेल :पहलवान सुशील
नई दिल्ली। कुश्ती के विश्व चैम्पियन और ओलम्पिक में कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार की नजर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर है। सुशील ने कहा, "राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए बहुत अहम हैं और इसके कई कारण हैं। चार साल पहले मेलबर्न में कुश्ती को राष्ट्रमंडला खेलों से हटा दिया गया था और मैं पदक जीतने से चूक गया था। उस समय भी मैं ही निवर्तमान चैम्पियन था।"
सुशील कहते हैं, "अब मेरे पास ओलम्पिक पदक है, विश्व चैम्पियन का तमगा भी है। बस राष्ट्रमंडल पदक की कमी है। इसलिए देश में अपने लोगों के बीच स्वर्ण पदक जीतना मेरे लिए खास होगा।" उन्होंने कहा कि फ्री स्टाइल कुश्ती के 60 किलोग्राम वर्ग में योगेश्वर दत्त, 55 किलोग्राम वर्ग में अनिल कुमार और 84 किलोग्राम वर्ग में अनुज कुमार से भी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है।
सुशील ने कहा, "गत छह-सात बरसों में हमारे पहलवानों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार घरेलू दर्शकों के सामने हम कुश्ती में एडिनबर्ग में हुए राष्ट्रमंडल खेलों से भी ज्यादा पदक जीतेंगे।" सुशील कहते हैं, "अधिकांश पहलवानों ने एशियाई व विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि राष्ट्रमंडल खेलों में हमारे पहलवानों को पदक जीतने में कोई खास परेशानी नहीं आएगी।"
ज्ञात हो कि 1970 में एडिनबर्ग में हुए राष्ट्रमंडल खेल में भारत का कुश्ती में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था, जिसमें भारतीय दल को नौ पदक मिले थे। इनमें पांच स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल थे। वर्ष 2002 में हुए मैनचेस्टर खेलों में भारत ने छह पदक जीते थे, जिनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल था।
सुशील कहते हैं, "अब मेरे पास ओलम्पिक पदक है, विश्व चैम्पियन का तमगा भी है। बस राष्ट्रमंडल पदक की कमी है। इसलिए देश में अपने लोगों के बीच स्वर्ण पदक जीतना मेरे लिए खास होगा।" उन्होंने कहा कि फ्री स्टाइल कुश्ती के 60 किलोग्राम वर्ग में योगेश्वर दत्त, 55 किलोग्राम वर्ग में अनिल कुमार और 84 किलोग्राम वर्ग में अनुज कुमार से भी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है।
सुशील ने कहा, "गत छह-सात बरसों में हमारे पहलवानों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार घरेलू दर्शकों के सामने हम कुश्ती में एडिनबर्ग में हुए राष्ट्रमंडल खेलों से भी ज्यादा पदक जीतेंगे।" सुशील कहते हैं, "अधिकांश पहलवानों ने एशियाई व विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि राष्ट्रमंडल खेलों में हमारे पहलवानों को पदक जीतने में कोई खास परेशानी नहीं आएगी।"
ज्ञात हो कि 1970 में एडिनबर्ग में हुए राष्ट्रमंडल खेल में भारत का कुश्ती में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था, जिसमें भारतीय दल को नौ पदक मिले थे। इनमें पांच स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल थे। वर्ष 2002 में हुए मैनचेस्टर खेलों में भारत ने छह पदक जीते थे, जिनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल था।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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