'भारत में बदल जाएगा खेलों का परिदृश्य'
नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार विवियन रिचर्डस का कहना है कि राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन के बाद भारत में खेलों का परिदृश्य ही बदल जाएगा।
रिचर्ड्स ने गुरुवार को आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "भारत के लिए यह एक बड़ा खेल आयोजन है। खेल हमारे जीवन में बहुत कुछ बदल देता है। मैं यह यकीन के साथ कह सकता हूं कि राष्ट्रमंडल खेलों का भारत के पूरे खेल परिदृश्य पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। इससे भारत की वह छवि भी बदल जाएगी कि यह सिर्फ एक खेल (क्रिकेट) को पसंद करने वाला देश है।"
रिचर्डस इन दिनों दिल्ली में एंटिगा और बारबुडा के 25 सदस्यीय दल के साथ आए हैं। वह इस दल के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके अनुसार उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं था कि भारत इस तरह का बड़ा खेल आयोजन कर सकता है।
बकौल रिचर्ड्स, "मैं 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में मेलबर्न गया था और पूरा लुत्फ उठाया है। इस बार भी मैं यहां आकर खेलों का लुत्फ उठाना चाहता था। इस तरह खेल एंटिगा और बारबुडा जैसे देशों के लिए काफी महत्व रखते हैं। इससे एथलीटों को अपना हुनर दिखाने के लिए बड़ा मंच मिलता है।"
क्रिकेट की दुनिया में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए विख्यात 58 वर्षीय रिचर्ड्स ने कहा, "खेलों के आयोजन के संदर्भ में मुझे भारत पर कभी संदेह नहीं हुआ। मैं पहले बतौर क्रिकेटर आया करता था और यहां लोगों में खेल के प्रति उत्साह को जानता हूं। मुझे भारत की काबलियत पूरा भरोसा था।"
वह तीन अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए उद्धाटन समारोह से खासा प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, "पहले आलोचनाएं हो रही थीं। परंतु उद्घाटन समारोह से स्पष्ट हो गया कि भारत इन खेलों के लिए पूरी तरह तैयार है। इस भव्य आयोजन को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हुआ। उम्मीद है कि लोग इन खेलों का पूरा मजा लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
रिचर्ड्स ने गुरुवार को आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "भारत के लिए यह एक बड़ा खेल आयोजन है। खेल हमारे जीवन में बहुत कुछ बदल देता है। मैं यह यकीन के साथ कह सकता हूं कि राष्ट्रमंडल खेलों का भारत के पूरे खेल परिदृश्य पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। इससे भारत की वह छवि भी बदल जाएगी कि यह सिर्फ एक खेल (क्रिकेट) को पसंद करने वाला देश है।"
रिचर्डस इन दिनों दिल्ली में एंटिगा और बारबुडा के 25 सदस्यीय दल के साथ आए हैं। वह इस दल के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके अनुसार उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं था कि भारत इस तरह का बड़ा खेल आयोजन कर सकता है।
बकौल रिचर्ड्स, "मैं 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में मेलबर्न गया था और पूरा लुत्फ उठाया है। इस बार भी मैं यहां आकर खेलों का लुत्फ उठाना चाहता था। इस तरह खेल एंटिगा और बारबुडा जैसे देशों के लिए काफी महत्व रखते हैं। इससे एथलीटों को अपना हुनर दिखाने के लिए बड़ा मंच मिलता है।"
क्रिकेट की दुनिया में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए विख्यात 58 वर्षीय रिचर्ड्स ने कहा, "खेलों के आयोजन के संदर्भ में मुझे भारत पर कभी संदेह नहीं हुआ। मैं पहले बतौर क्रिकेटर आया करता था और यहां लोगों में खेल के प्रति उत्साह को जानता हूं। मुझे भारत की काबलियत पूरा भरोसा था।"
वह तीन अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए उद्धाटन समारोह से खासा प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, "पहले आलोचनाएं हो रही थीं। परंतु उद्घाटन समारोह से स्पष्ट हो गया कि भारत इन खेलों के लिए पूरी तरह तैयार है। इस भव्य आयोजन को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हुआ। उम्मीद है कि लोग इन खेलों का पूरा मजा लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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