बंगलौर टेस्ट बिना हार-जीत के ख़त्म

By Staff
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बंगलौर में हुआ पहला टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है. 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत चार विकेट पर 177 रन ही बना पाया.

लेकिन जब पाँचवें और आख़िरी दिन का खेल ख़त्म हुआ तो उस समय भारत का स्कोर था चार विकेट के नुक़सान पर 177 रन. वीवीएस लक्ष्मण 42 और सौरभ गांगुली 26 रन बनाकर नाबाद रहे.

ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 430 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में उसने छह विकेट पर 228 रन बनाकर पारी समाप्त घोषित कर दी थी. दूसरी ओर भारत ने पहली पारी में 360 रनों का स्कोर खड़ा किया था.

इस मैच में सचिन तेंदुलकर से उम्मीद जताई जा रही थी कि वे टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन के ब्रायन लारा के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका.





दूसरी पारी में सचिन अच्छा खेल रहे थे लेकिन वे 49 रन बनाकर आउट हो गए. इस तरह अब भी वे ब्रायन लारा से 14 रन पीछे हैं. लारा ने टेस्ट क्रिकेट में 11,953 रन बनाए हैं.

सचिन फिर लारा का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए

जबकि बंगलौर टेस्ट के बाद सचिन के खाते में 11,939 रन हैं. वैसे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ है और अभी तीन टेस्ट मैच बाक़ी हैं.

इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग और माइकल हसी ने बल्ले से जौहर दिखाया तो शेन वॉटसन और मिचेल जॉनसन ने बेहतरीन गेंदबाज़ी की.

भारत की ओर से ज़हीर ख़ान और हरभजन सिंह ने न सिर्फ़ गेंद से बल्कि बल्ले से भी कमाल दिखाया. ईशांत शर्मा ने भी शानदार गेंदबाज़ी की. लेकिन कप्तान अनिल कुंबले को एक भी विकेट नहीं मिल पाया.

बल्लेबाज़ी में भारत की ओर से कोई ख़ास कमाल नहीं हुआ. लेकिन पहली पारी में निचले क्रम ने अहम रन जोड़े तो दूसरी पारी में सीनियर्स ने संकट से निकाला.

ज़हीर ख़ान को उनके ऑल राउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. उन्होंने कुल छह विकेट लिए और बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन किया.

पहली पारी में उन्होंने पाँच विकेट लिए और बल्लेबाज़ी में भारत की ओर से पहली पारी में सर्वाधिक 57 रन भी बनाए.

आख़िरी दिन का खेल

पाँचवें दिन का खेल जब शुरू हुआ उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था पाँच विकेट पर 193 रन. पिच पर थे शेन वॉटसन और ब्रैड हैडिन. दिन के पहले विकेट के रूप में आउट हुए शेन वॉटसन.

लक्ष्मण ने भी अच्छी पारी खेली

उन्होंने 41 रन बनाए और उनका विकेट मिला ईशांत शर्मा को. जब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह विकेट पर 228 रन पहुँचा, तो कप्तान रिकी पोंटिंग ने पारी समाप्त घोषित कर दी.

उस समय ब्रैड हैडिन 35 और कैमरून व्हाइट 18 रन बनाकर नाबाद थे. दूसरी पारी में भारत की ओर से ईशांत शर्मा ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए, हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए जबकि ज़हीर ख़ान के खाते में एक विकेट आया.

ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर 70 रनों की बढ़त मिली और इस तरह भारत को जीत के लिए 299 रनों का लक्ष्य मिला.

ऑस्ट्रेलिया ने अपने गेंदबाज़ों पर भरोसा करते हुए पारी समाप्त घोषित कर दी. कप्तान रिकी पोंटिंग को शुरू में इस फ़ैसले का लाभ भी मिला.

भारत के दो विकेट सिर्फ़ 24 रन पर गिर गए. सहवाग सिर्फ़ छह पर और राहुल द्रविड़ पाँच रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर ने संभल कर खेलना शुरू किया.

ज़हीर ख़ान को आलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द मैच चुना गया

दोनों स्कोर को 77 रन तक ले गए. गौतम गंभीर मिचेल जॉनसन की एक धीमी गेंद पर चकमा खा गए और बोल्ड हो गए. उन्होंने 29 रन बनाए.

सचिन तेंदुलकर काफ़ी संभल कर खेल रहे थे और लग रहा था कि वे लारा का रिकॉर्ड तोड़ देंगे. लेकिन ऐसा हो न सका. सचिन 49 रन बनाकर व्हाइट की गेंद पर पवेलियन लौट गए. लेकिन इससे पहले उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण के साथ मिलकर भारतीय पारी को मज़बूती दी.

इसके बाद सौरभ गांगुली मैदान पर आए. लेकिन ख़राब रोशनी के कारण बार-बार मैच रोकना पड़ा. मैच जब ख़त्म हुआ तो भारत का स्कोर था चार विकेट के नुक़सान पर 177 रन.

वीवीएस लक्ष्मण 42 और गांगुली 26 रन बनाकर नाबाद रहे.

Story first published: Monday, October 13, 2008, 17:58 [IST]
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