नई दिल्ली। आईपीएल के इस सीजन का पहला दौर गुजर चुका है और पूरी तरह से रोमांचकारी रहा है। यह रोमांच ना केवल गेंद और बल्ले के संघर्ष में बना हुआ है बल्कि खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच भी खूब तनातनी हुई है। इन्ही घटनाओं की फेहरिस्त में गुरूवार को हुए मैच में एक ऐसी घटना घटी है जो ना केवल आईपीएल बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी कभी नहीं हुई। नो-बॉल विवाद के चलते चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बीच मैदान में आने के कारण आईपीएल के कॉड ऑफ कंडेक्ट का दोषी पाया गया है।
इतना ही नहीं, धोनी की इस हरकत के लिए उन पर मैच का 50 फीसदी जुर्माना भी लगाया गया है। धोनी को आईपीएल के कोड ऑफ कंडक्ट 2.20 के तहत लेवल 2 का दोषी पाया गया है। जिसको धोनी ने स्वीकर भी कर लिया है। आर्टिकल 2.20 के तहत खेल की भावना के विरुद्ध व्यवहार करना आता है।
आपको बता दें आईपीएल में 11 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच सांसे रोक देने वाला मुकाबला देखा गया। अंतिम गेंद तक खिंचे इस मैच में सैंटनर ने छक्के के साथ चेन्नई के खाते में एक और जीत दर्ज कराई। लेकिन इसी ओवर में ही एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया।
दरअसल इस ओवर में गेंदबाजी कर रहे बेन स्टोक्स ने चौथी गेंद पर सैंटनर को एक फुल टॉस गेंद फेंकी जिसको अंपायर ने नो-बॉल करार दिया लेकिन स्क्वायर लेग पर खड़े अंपायर ने इस फैसले को पलट दिया। यहीं से मैदान में वो हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
अंपायर के इस फैसले से तिलमिलाई चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी फील्ड में आ गए। आपको बता दें धोनी इससे पहले आउट होकर सीमा रेखा के बाहर से यह मैच देख रहे थे। धोनी ने आते ही गुस्से में अंपायरों के साथ बातचीत करनी शुरू कर दी। इसके बावजूद भी अंपायरों ने गेंद को सही पाया। अततः चेन्नई को आखिरी गेंद पर जीत नसीब हुई।