नई दिल्ली। भारत में जारी महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन पर कोरोना वायरस ने अपनी पकड़ बना ली है जिसके बावजूद आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने इसे जारी रखने का फैसला किया है। सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की ओर से केकेआर के 2 खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने की खबर ब्रेक करने के बाद बीसीसीआई ने वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर के कोरोना पॉजिटिव होने का खुलासा किया। इसके बाद सोमवार को आरसीबी और केकेआर के बीच खेले जाने वाले मैच को टालने का फैसला किया गया। इस खबर ने अहमदाबाद में जारी लेग की टीमों को परेशान करने का काम किया है।
वहीं सीएसके के खेमे से भी 3 स्टाफ मेंबर्स के कोरोना पॉजिटिव आने की खबर ने हड़कंप मचा दिया जिसके बाद यह सवाल उठा कि क्या आईपीएल को जारी रखना सही होगा। हालांकि बाद में पुष्टि हुई की सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन, गेंदबाजी कोच लक्ष्मीपति बालाजी और बस से जुड़ा ड्राइवर की रविवार को हुए कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव रिपोर्ट आई है, जबकि सोमवार को किये गये रैपिड एंटीजेन टेस्ट में नेगेटिव पाये गये हैं।
इसके बाद सभी सदस्यों को एक बार फिर से आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया जिसमें एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार काशी विश्वनाथन नेगेटिव पाये गये हैं जबकि बाकी दो सदस्य नेगेटिव पाये गये हैं। हालांकि बीसीसीआई ने दावा किया है कि सीएसके का खेमा गलत रिपोर्ट का शिकार हुआ है जिसके कारण आईपीएल के मैचों को जारी रखा जायेगा और सोमवार को खेला जाने वाला मैच शनिवार को रिशेड्यूल किया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद में गुरुवार को अगला मैच खेला जाना था जबकि दिल्ली में बुधवार को चेन्नई और राजस्थान की टीम के बीच मैच खेला जाना है। ऐसे में कोच बालाजी के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर को सही माना जाये तो उन्हें मुंबई के खिलाफ मैच में डगआउट में टीम के साथ बैठा देखा गया है, जिसके चलते सभी खिलाड़ियों में इसके फैलने का खतरा बना हुआ है।
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आपको बता दें कि कोरोना वायरस वो बीमारी है जिसके लक्षण सामने आने में 5 से 7 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में बीसीसीआई को अहमदाबाद और दिल्ली के बायोबबल सुरक्षा में सेंध लगने के बाद कम से कम 5 दिन तक सभी टीमों को सख्त क्वारंटीन करने की दरकार है जिसके बाद ही मैचों को आयोजित कराया जा सकता है, नहीं तो इस तरह से मैच जारी रखना खिलाड़ियों की जान से खेलने जैसा होगा।