
मुंबई के खिलाफ खूब उड़ाए चाैके-छक्के
इस बल्लेबाज ने कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से ओपनिंग करते हुए मुंबई इंडियंस के खिलाफ सीजन-14 के 34वें मैच में विस्फोटक पारी खेल सुर्खियां बटोर लीं। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 156 रनों का लक्ष्य केकेआर को दिया। जवाब में उतरी केकेआर टीम को शुबमन गिल और वेंकटेश ने ताबड़तोड़ शुरूआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 3 ओर में 40 रन जोड़ दिए। शुबमन 13 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन वेंकटेश ने चाैंकों-छक्कों की बरसात करना जारी रखा। इसी के साथ वेंकटेश ने 25 गेंदों में अपना आईपीएल करियर का पहला अर्धशतक भी पूरा कर लिया। उन्होंने 30 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चाैके व 3 छक्के शामिल रहे। वेंकटेश की इस धुंआधार पारी की बदाैलत केकेआर ने 7 विकेट रहते मैच अपने नाम कर लिया।

मां के कहने पर क्रिकेट को चुना था
वेंकटेश का यह पहला आईपीएल सीजन हैं। उन्हें केकेआर ने 20 लाख रूपए में उनके बेस प्राइस के आधार पर अपनी टीम में शामिल किया था। अगर यूएई में उनका बल्ला यूं ही चलता रहा तो वह अपनी कीमत आगामी सीजनों में करोड़ों तक पहुंचा सकते हैं। 26 साल के वेंकटेश मशहूर एक्टर रजनीकांत के फैन हैं। उन्हें खुद कहा था कि वो उनकी काफी फिल्में देखते हैं। अय्यर ने मां के कहने पर क्रिकेट को चुना था। मां को डर था कि बेटा कहीं दिन-रात की पढ़ाई के कारण बीमार ना पड़ जाए। मां वेंकटेश को स्वस्थ देखना चाहती थी, इसलिए उन्होंने बेटे को खेलने के लिए भेजा। अय्यर ने क्रिकेट की वेबसाइट क्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मैंने क्रिकेट मां के कहने पर खेलना शुरू किया। क्योंकि मा जानती थी कि सारा दिन घर में पढ़ाई करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा।

क्रिकेट की ओर 19 साल की उम्र में रूख किया था
ऐसा बिल्कुल नहीं है कि वेंकटेश को शुरू से ही खेलने का शाैक था। उन्होंने क्रिकेट की ओर 19 साल की उम्र में रूख किया था। इससे पहले वह पढ़ाई की ओर ही ध्यान देते थे। यहां तक कि उन्हें नाैकरी करने का भी माैका मिला, लेकिन उन्होंने क्रिकेट को चुना। वो जानते थे कि अगर नाैकरी के लिए गए तो फिर प्रैक्टिस करने का समय नहीं मिल पाएगा। वेंकटेश मध्यप्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट 2015 से खेल रहे हैं, लेकिन वह 2020-21 में टी20 के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चर्चा में आए। वह 75.66 की औसत और 149.34 के स्ट्राइक रेट से 227 बनाकर अपने टीम के टॉप स्कोरर रहे थे। विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने पंजाब के खिलाफ 146 गेंदों पर 198 रन ठोके थे।


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