बीजिंग के बाद यह मेरा 'सर्वोत्तम क्षण' : बिंद्रा
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों में मंगलवार को भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने कहा कि बीजिग ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह उनका सबसे 'सर्वोत्त क्षण' था।
राष्ट्रमंडल खेलों (वर्ष 2002, 06 और 2010) में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक बनाने वाले अभिनव बिंद्रा ने बताया, "स्वर्ण पदक जीतने पर काफी अच्छा महसूस होता है। बीजिंग ओलंपिक के बाद यह मेरे लिए सबसे अच्छा क्षण है और यह पहला मौका है जब मैं अपने देश में इतने बड़े खेल में हिस्सा ले रहा हूं।"
निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और विश्व के नंबर तीन खिलाड़ी गगन नारंग ने पुरुषों की दस मीटर की एयर रायफल स्पर्धा जीतकर भारत को पहला स्वर्ण दिलाया। वहीं, भारत को दूसरा स्वर्ण अनीसा सैयद और रानी सार्नोबत ने महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल मुकाबले में दिलाया। महिला और पुरुष दोनों वर्गो में भारतीय खिलाड़ियों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया।
देखें: राष्ट्रमंडल खेलों पर विशेष पृष्ठ
बिंद्रा से यह यह पूछे जाने पर कि क्या आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीट क्रिकेट टीम को टेस्ट में मिली जीत राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजों को मिली जीत को फीका कर देगी। इस पर बिंद्रा ने कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों में मिली जीत सुर्खियां बनेंगी। मैं तो अभी इस खुशी का आनंद लेना चाहता हूं।"
प्रतियोगिता के बारे में निशानेबाज ने कहा कि यह आसान जीत नहीं थी। लोगों ने उनसे काफी उम्मीदें लगाई थीं। वह काफी दबाव में थे। निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने वर्ष 1998 में कुआलालंपुर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में अपने अंतर्राष्ट्रीय खेल की शुरआत की। उस समय वह भारतीय दल के सबसे युवा खिलाड़ी थे।
इंडो-एशिया न्यूज सर्विस।
राष्ट्रमंडल खेलों (वर्ष 2002, 06 और 2010) में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक बनाने वाले अभिनव बिंद्रा ने बताया, "स्वर्ण पदक जीतने पर काफी अच्छा महसूस होता है। बीजिंग ओलंपिक के बाद यह मेरे लिए सबसे अच्छा क्षण है और यह पहला मौका है जब मैं अपने देश में इतने बड़े खेल में हिस्सा ले रहा हूं।"
निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और विश्व के नंबर तीन खिलाड़ी गगन नारंग ने पुरुषों की दस मीटर की एयर रायफल स्पर्धा जीतकर भारत को पहला स्वर्ण दिलाया। वहीं, भारत को दूसरा स्वर्ण अनीसा सैयद और रानी सार्नोबत ने महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल मुकाबले में दिलाया। महिला और पुरुष दोनों वर्गो में भारतीय खिलाड़ियों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया।
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बिंद्रा से यह यह पूछे जाने पर कि क्या आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीट क्रिकेट टीम को टेस्ट में मिली जीत राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजों को मिली जीत को फीका कर देगी। इस पर बिंद्रा ने कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों में मिली जीत सुर्खियां बनेंगी। मैं तो अभी इस खुशी का आनंद लेना चाहता हूं।"
प्रतियोगिता के बारे में निशानेबाज ने कहा कि यह आसान जीत नहीं थी। लोगों ने उनसे काफी उम्मीदें लगाई थीं। वह काफी दबाव में थे। निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने वर्ष 1998 में कुआलालंपुर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में अपने अंतर्राष्ट्रीय खेल की शुरआत की। उस समय वह भारतीय दल के सबसे युवा खिलाड़ी थे।
इंडो-एशिया न्यूज सर्विस।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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