आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग ने जेंटलमैन का खेल कहे जाने वाले क्रिकेट की शाख पर बड़ा बट्टा लगाया है। इस पिक्सिंग विवाद पर क्रिकेट को दिलो जान से चाहने वाले लखनऊ के निवासी और छात्र शुभेंद्र सिंह बेहद दुखी हैं और क्रिकेट की इस गंदगी को साफ किये जाने की बात कह रहे हैं।
वह कहते हैं कि अगर सट्टेबाजी को नहीं रोक सकते हैं तो बंद कर दीजिए आईपीएल के मनोरंजन को। जिस तरह से आईपीएल में सट्टेबाजी का मामला सामने आया है उससे दुनियाभर में क्रिकेट के चाहने वालों को काफी दुख पहुंचा है।
मेरा मानना है कि सट्टेबाजी एक ऐसा मामला है जिसे अगर क्रिकेट गवर्निंग काउंसिल और सरकारें रोकने में विफल रहती हैं तो उन्हें इसकी वैधानिक अनुमति दे दी जानी चाहिए। 20-20 क्रिकेट असल में क्रिकेट नहीं बल्कि मनोरंजन हैं और इसके जरिए कई खिलाड़ियों को मौका मिलता है।
ऐसे में अगर सरकार ने सट्टेबाजी को रोकने में असफल है तो इसे कानूनी कर देना चाहिए। आईपीएल ने युवा खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच दिया है जिसकी वजह से कई खिलाड़ी गुमनामी के अंधेरे मे जाने से बचे हैं और उनके कैरियर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नयी पहचान मिली है।
क्या है आईपीएल 2013 स्पॉट फिक्सिंग- विस्तृत रिपोर्ट
ऐसे में अगर इसकी साख को बट्टा लगेगा तो खिलाड़ियों के हौसले पस्त हो जायेंगे। आईपीएल से ही कई खिलाड़ियों को टीम इंडिया में जगह बनाने में सफलता मिली है, जिम्बाब्वे दौरा इसका जीता-जागता उदाहरण है।
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