
सुपरओवर में जसप्रीत बुमराह ने दिलाई जीत
मैच टाई होने के बाद सुपरओवर में पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई सिर्फ 11 रन ही बना सकी। इसमें से भी 10 रन केरन पोलार्ड के बल्ले से निकले। मुंबई से सुपरओवर में 12 रन बनाने की चुनौती ले उतरे एरोन फिंच और ब्राडन मैकुलम के लिए यह लक्ष्य हासिल करना कठिन नहीं था। लेकिन जसप्रीत बुमराह की बेहतरीन गेंदबाजी ने 12 रन के लक्ष्य को गुजरात के लिए असंभव बना दिया। गुजरात लायंस, मुंबई के 12 रन के जबाव में सिर्फ 5 रन ही बना सकी। इसमें से भी दो रन बुमराह ने अतिरिक्त मे दिए थे। फिंच और मैकुलम पूरे सुपरओवर में बुमराह की बॉल को बल्ले से छूने के लिए तरसते रहे।

जडेजा ने कराया मैच टाई
आखिरी ओवर में मैच ने बेहद रोमांचक मोड़ ले लिया था। मुंबई को जीत के लिए 6 बॉल पर 11 रन चाहिए था। कुनाल पांड्या की शानदार बल्लेबाजी के चलते मुंबई ने 5 बॉल पर 10 रन बना मैच टाई करा दिया। मुंबई को अब जीत के लिए आखिरी बॉल पर सिर्फ 1 रन चाहिए था। बल्लेबाजी पर थे लसिथ मलिंगा और गेंदबाजी कर रहे थे इरफान पठान। सभी की सांसे रूकी हुई थी, तभी पठान ने बॉल फेंकी और वो मलिंगा के पैड पर लग जडेजा की तरफ चली गई। मलिंगा ने मुंबई की जीत के लिए दौड़ लगाई लेकिन तभी रविद्र जडेजा ने बेहतरीन थ्रो कर दूसरी छोर पर दौड़ रहे कुनाल पांड्या को रन आउट कर दिया। इसी के साथ मैच टाई हो सुपर ओवर में चला गया।

जेम्स फॉकनर ने बदला मैच का रूख
गुजरात से मिले 154 रनों का पीछा करने उतरी मुंबई ने अच्छी शुरूआत करते हुए मैच पर अपनी पकड़ बना ली। सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने 70 रन बना मैच को गुजरात से मुंबई के पाले में डाल दिया था। गुजरात के खेमें में निराशा छाने लगी थी तभी जेम्स फॉकनर ने 14वें ओवर में पहले रोहित शर्मा और फिर पार्थिव पटेल को आउट कर गुजरात लायंस की मैच में वापसी कराई। इसके बाद गुजरात ने सधी गेंदबाजी और फिल्डिंग से मुंबई को कभी मैच में हावी नहीं होने दिया।

मुंबई मैच हारती तो 'हीरो' कुनाल पांड्या ही होते खलनायक
मैच के बाद कुनाल पांड्या को उनके शानदार आलराउंडर प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच के अवार्ड से नवाजा गया। कुनाल पांड्या ने मुंबई के लिए गेंदहाजी करते हुए पहले तीन विकेट झटके फिर बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंचे मैच में बल्ले से 29 महत्वपूर्ण रन भी बनाए। मैच जीतने के बाद भी तारीफ में जुट जाते हैं लेकिन मुंबई अगर मैच हारती तो निश्चित रुप से कुछ हद तक इसकी जिम्मेदारी कुनाल की भी होती। आखिरी ओवर में अच्छा खेल रहे कुनाल बार-बार स्ट्राइक पुछल्ले बल्लेबाजों को दे दे रहे थे। कुनाल ने पहले छक्का मार मिचेल मैकलेघन को स्ट्राइक दिया फिर आखिरी बास से पहले रन ले स्ट्राइक लासिथ मलिंगा को थमा दी। महत्वपूर्ण क्षणों में यूं गेंदबाजों को स्ट्राइक थमा देना कुनाल की अनुभवहीनता को दर्शाता है।


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