नई दिल्ली। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की आंच टीम इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स के कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी तक भी पहुंच रही है। हालांकि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट अभी पूरी तरह से उजागर नहीं हुई है बावजूद इसके एक अंग्रेजी अखबार ने दावा किया है कि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में शक के घेरे में कप्तान धोनी भी है।
आपको बता दें कि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट का जितना हिस्सा मीडिया में आया है उसके हिसाब से अभी किसी भी खिलाड़ी का नाम इस रिपोर्ट में नहीं है लेकिन अखबार का दावा है कि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में नंबरों से हिसाब से खिलाड़ियों का नाम लिखा गया है। मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में 'इंडिविजुअल नंबर 2' का जिक्र है जिस के स्पॉट फिक्सिंग के मास्टर माइंड गुरुनाथ मयप्पन से काफी गहरे संबंध थे और वो 'इंडिविजुअल नंबर 2' और कोई नहीं धोनी हैं।
अखबार में साफ लिखा है कि एन श्रीनिवासन के दामाद और इस कांड में मुख्य आरोपी गुरुनाथ मयप्पन के साथ धोनी रोज होटल के कमरे में मिलते थे। हालांकि इन बातों में कितनी सच्चाई है वो कोर्ट के फैसले से ही पता चलेगा लेकिन यहां आपको यह बता दें कि कि 5000 पन्नों की मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट अभी तक पब्लिक में सामने नहीं हुई है इसलिए अखबार के दावे में कितनी सच्चाई है इसका फैसला कर पाना अभी मुश्किल है।
पेपर में छपा है कि मयप्पन रोज धोनी से आईपीएल मैचों के दौरान मिलते थे और कभी-कभी तो उनकी मुलाकात दिन में तीन-चार भी होती थी। वैसे आपको बता दें कि सुप्रीमकोर्ट में श्रीनिवासन का केस लड़ रहे कपिल सिब्बल ने दलील पेश की है कि मयप्पन को सट्टेबाजी में बड़ा नुकसान हुआ है और अगर मयप्पन के पास अंदर की खबर होती तो उन्हें नुकसान नहीं होता। खैर यह सारे मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं। लेकिन इतना तो तय है कि आईपीएल की सट्टेूबाजी ने लोगों का भरोसा जरूर तोड़ दिया है।