केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन की एक प्रमुख पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और केंद्रीय मंत्री शरद पवार और उनकी सांसद बेटी सुप्रिया सुले ने कहा है कि आईपीएल से उनका कोई लेना देना नहीं हैं.
शरद पवार और सुप्रिया सुले को यह बयान इसलिए देना पड़ा है क्योंकि अब यह ख़बर मिली है कि पुणे की आईपीएल टीम के लिए जिस सिटी कॉर्पोरेशन कंपनी ने बोली लगाई थी, उस कंपनी में शरद पवार और उनकी बेटी दोनों की भागीदारी है.
हालांकि दोनों ने कहा है कि कंपनी के बोर्ड ने कंपनी को आईपीएल में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था और जो कुछ भी किया गया वह कंपनी के प्रबंध निदेशक ए देशपांडे ने निजी तौर पर किया.
लेकिन शरद पवार पर आईपीएल टीम ख़रीदने की प्रकिया में जुड़े होने की बात को छिपाने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने शरद पवार के इस्तीफ़े की मांग की है.
कांग्रेस ने इस सवाल को टालते हुए कहा है कि आईपीएल से जुड़े सवाल शरद पवार से ही पूछना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बोली लगाने के बाद सिटी कॉर्पोरेशन को सफलता नहीं मिली थी और पुणे की आईपीएल टीम को सहारा इंडिया ने ख़रीद लिया था.
इससे पहले जब आईपीएल को लेकर विवाद शुरु हुआ था तो कहा गया था कि इस पूरे मामले में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार और उनका परिवार भी शामिल है, लेकिन तब शरद पवार और सुप्रिया सुले दोनों ने इससे साफ़ इनकार करते हुए कहा था कि उनका परिवार इससे कहीं भी जुड़ा हुआ नहीं है.
लेकिन अब पता चल रहा है कि सिटी कॉर्पोरेशन में शरद पवार और सुप्रिया सुले की हिस्सेदारी 16.22 प्रतिशत भागीदारी है.
इस कंपनी के प्रबंध निदेशक ए देशपांडे ने कथित तौर पर व्यक्तिगत हैसियत से बोली में हिस्सा लिया था. लेकिन उन्होंने कंपनी के नाम का उपयोग किया था.
पत्रकारों से हुई बातचीत में शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि वे बीसीसीआई में ऊँचे ओहदे पर थे और अगर वे चाहते तो कंपनी नीलामी से बाहर नहीं होती.
उल्लेखनीय है कि वित्तीय अनियमितता के आरोपों में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चेयरमैन पद से ललित मोदी को निलंबित कर दिया गया है और उनके ख़िलाफ़ जाँच चल रही है.