आयरिश बल्लेबाज केविन ओ ब्रायन ने किया संन्यास का ऐलान, 2011 विश्व कप में इंग्लैंड को किया था हैरान

नई दिल्ली। आयरलैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज हरफनमौला खिलाड़ी केविन ओ ब्रॉयन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के वनडे प्रारूप से संन्यास का ऐलान कर दिया है। केविन ओ ब्रॉयन ने यह फैसला शुक्रवार को लिया और इसके बारे में जानकारी देते हुए साफ किया कि टी20 क्रिकेट में अपना पूरा ध्यान देने के लिये वह वनडे प्रारूप को अलविदा कह रहे हैं और करियर में टेस्ट टीम में जगह बनाने की उम्मीद अभी भी जारी है।

केविन ओ ब्रायन ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा,' 15 सालों तक आयरलैंड के लिये खेलने के बाद मुझे लगता है कि यह सही समय है जब मुझे अंतर्राष्ट्रीय वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लेना चाहिये। अपने देश के लिये 153 बार मैदान पर उतरना गर्व की बात है और इसके साथ ही मुझे जीवनभर की याद मिली हैं। यह निर्णय मेरे लिये आसान फैसला नहीं था लेकिन लंबे समय तक इस पर गौर करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं पिछले कुछ समय में वनडे टीम में कुछ खास योगदान नहीं दे पाया हूं। वनडे प्रारूप में खेल की भूख भी अब पहले जैसे नहीं रही थी और यह एंड्रयू, ग्राहम, टीम और समर्थकों के साथ यह बिल्कुल भी सही नहीं होगा कि मैं 100 प्रतिशत नहीं देने के बावजूद वनडे प्रारूप में खेलना जारी रखूं।'

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37 वर्षीय केविन ओ ब्रॉयन ने अपने वनडे करियर के दौरान 153 मैच खेलकर 29.41 की औसत से 3618 रन बनाने का काम किया। इस दौरान उन्होंने 114 विकेट हासिल करने का काम किया। ओ ब्रॉयन ने अपने करियर का अंत आयरलैंड के लिये सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज और वनडे प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे आयरिश खिलाड़ी के रूप में किया। इतना ही नहीं केविन ओ ब्रॉयन ने अपने करियर के दौरान 68 कैच पकड़कर फील्डिंग में भी जबरदस्त योगदान दिया। इस दौरान उन्होंने आयरलैंड के लिये 4 मैचों में कप्तानी करने का भी काम किया जिसमें से 3 बार उनकी टीम को जीत भी मिली।

ओ ब्रॉयन ने आगे कहा,'2006 में टीम से जुड़ने के बाद मुझे मेरे करियर में कई यादगार पल देखने को मिले। मैंने 3 विश्वकप में देश का प्रतिनिधित्व किया, कुछ निजी सफलतायें हासिल की और दुनिया भर में खेलने का काम किया। लेकिन अब मैं अपना पूरा ध्यान टी20 क्रिकेट पर लगाना चाहता हूं ताकि अगले 18 महीने में खेले जाने वाले 2 टी20 विश्व कप में योगदान दे सकूं। और उम्मीद करता हूं कि टेस्ट क्रिकेट में भी जल्द खेलने का मौका मिले।'

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जहां इस खिलाड़ी के वनडे करियर की पारियों में सबसे यादगार पारी को लेकर चर्चा की जा सकती हैं लेकिन 2011 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ ओ ब्रॉयन की ओर से खेली गई 113 रनों की रिकॉर्ड पारी इस फेहरिस्त में जरूर शामिल रहेगी। अपनी इस पारी के दौरान आयरलैंड के इस खिलाड़ी ने महज 50 गेंदों में शतक लगाया था और अपनी टीम को पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ जीत दिलाने का काम किया था। उनकी यह पारी पिछले एक दशक के दौरान विश्व कप में खेली गई सबसे तेज शतकीय पारी भी है।

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Story first published: Friday, June 18, 2021, 18:21 [IST]
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