नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में एडवाइजरी जारी होने के बाद केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लिए खेलने वाले बाहरी खिलाड़ियों को भी घाटी छोड़ने का निर्देश दिया गया है। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर में आयोजित विभिन्न आयु वर्ग के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा ले रहे जम्मू के खिलाड़ियों को वापस उनके जिले के लिए रवाना कर दिया है।
जेकेसीए के मुख्य कार्यकारी आशिक हुसैन बुखारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह सही है कि हमने पठान और सपोर्ट स्टॉफ के सदस्यों को घाटी छोड़ने की सलाह दी है। ये जल्द ही अपने राज्य के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य टीम के चयनकर्ता भी कश्मीर से नहीं हैं। और हमने इन्हें भी तुरंत अपने घर रवाना होने के लिए कहा है। हमने पहले से ही जम्मू के सौ से भी ज्यादा खिलाड़ियों को उनके जिले के लिए रवाना कर दिया है। बुखारी ने कहा कि यहां स्थिति तनावपूर्ण है और यहां तक कि हमें भी नहीं पता कि क्या हो रहा है। इसीलिए हमने क्रिकेट के इवेंट को आगे के लिए टाल दिया है और वापस शुरू करने के लिए सही समय का इंतजार करने का फैसला लिया है।
इस घटना से 17 अगस्त से शुरू हो रहे नए घरेलू सीजन से पहले जम्मू कश्मीर क्रिकेट टीम की तैयारियों का करारा झटका लगा है। नया घरेलू सीजन 17 अगस्त को दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू हो रहा है, जिसके बाद पचास ओवरों की विजय हजारे ट्रॉफी खेली जाएगी, वहीं रणजी ट्रॉफी का लीग राउंड 9 दिसंबर से शुरू होगा। इस उथल-पुथल से घरेलू सीजन के दौरान जम्मू-कश्मीर द्वारा किए जाने वाले मैचों की मेजबानी पर भी आशंका के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि अभी तक बीसीसीआई की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।