
कैफ ने कहा ऐसा तो...
दरअसल, कैफ ने दावा किया कि अगर उनके समय पर यो-यो टेस्ट होता तो वो खुद, लक्ष्मीपति बालाजी और युवराज सिंह तीन ही क्रिकेटर ऐसे होते, जो टेस्ट पास कर पाते। यह बात इरफान को कुछ खास पसंद नहीं आई, वो बीच चैट में कूद पड़े और कहा, 'मैंने आपका बयान सुना कि अगर हमारे समय में यो-यो टेस्ट होता तो बालाजी, आप और युवराज ही इसको पास कर पाते। फिर हम क्या कर रहे थे, चने बेच रहे थे हम? मैं आपके साथ दौड़ता था, आपका स्कोर 16 होता था और मेरा 15.5 होता था।'

शेन वाॅर्न का भी किया जिक्र
तीनों ने मिलकर शेन वॉर्न की तारीफ की और कहा कि कैसे उनकी कप्तानी दूसरे कप्तानों से अलग थी। कैफ ने कहा कि, वॉर्न अपने समय से आगे थे। उन्हें पता था कि उन्हें क्या करना है। वो कभी किसी पर दबाव नहीं बनाते थे। जिसका नतीजा ये हुआ कि सभी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने आगे कहा कि, हमारी टीम में काफी बदलाव हुए। उस दौरान बल्लेबाजी के लिए कोई भी फिक्स्ड जगह नहीं थी। वॉर्न ने मुझे कहा कि तुम सीधे भारतीय खिलाड़ियों से बात करो जो अंग्रेजी में थोड़े कमजोर हैं। मैंने आईपीएल 2008 को ज्यादा सीरियस नहीं लिया क्योंकि हम में से किसी ने भी इस तरह का फॉर्मेट नहीं खेला था लेकिन जैसे जैसे हम जीतते गए। मुझे लगने लगा कि ये टूर्नामेंट लंबा चलेगा।

यूसुफ पठान ने बताया बेस्ट कप्तान
साल 2008 सीजन में यूसुफ पठान ने 435 रन और 8 विकेट लिए थे। उन्होंने वॉर्नर की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया का कोई भी कप्तान शेन वॉर्न की कप्तानी से सीख सकता है। पठान ने कहा कि मुझे अभी भी याद है कि वॉर्न ने जब पहली बार हमारी मीटिंग ली थी तो बिल्कुल पॉजिटिव थे और उनका मानना था कि सभी को अपना बेस्ट देना है। उन्होंने सबको काफी मोटिवेट किया जहां वो स्पीच देते थे और ऐसे में वो हमेशा कहते थे कि हम अंत में टूर्नामेंट जीतेंगे। पठान ने इस दौरान कहा कि हर कप्तान को उनसे सीखना चाहिए।


Click it and Unblock the Notifications
