कांस्य पदक जीतकर 'शटल एक्सप्रेस' सिंधू ने रचा इतिहास
ग्वांगझू। एक तरफ बॉलीवुड के ट्रैक पर शाहरूख खान की फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' फूल स्पीड से आगे बढ़ रही हैं तो वहीं बैडमिंटन ट्रैक पर भारत की नई 'शटल एक्सप्रेस' पीवी सिंधु ने भारत के हर पिता को गर्दन ऊंची करने का गौरव प्रदान करके एक नया इतिहास रच दिया है। भारत की नई शटल सनसनी हैदराबाद की पीवी सिंधू ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जीत की नई इबादत लिखी है।
हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उनका जलवा नहीं चला और थाईलैंड की रतचानोक इनतानोन से 10-21, 13-21से पराजित हो गयीं लेकिन फिर भी विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में उनकी लड़ाई का सफर तारीफ के काबिल है जिस पर हर भारतीय को आज गर्व हो रहा है।
सिंधु के कांस्य पदक जीतने के बाद ही आज भारत ने 30 साल बाद सिंगल्स में कोई पदक हासिल किया है तो वहीं 18 साल की होनहार पीवी सिंधु विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बनी है। उनका कांस्य पदक शुक्रवार को उसी समय तय हो गया था जब उन्होंने जोरदार ढंग से शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन को 21-18, 20-22, 21-15 से हराया था।
आपको बता दें कि सिंगल्स में भारत के लिए एकमात्र पदक प्रकाश पादुकोण ने 1983 में कोपेनहेगन में पुरुष एकल में जीता था। इसलिए महिला वर्ग में भी एकल खिताब जीतने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय महिला है। भारत की नई शटल एक्सप्रेस पीवी सिंधु को वनइंडिया परिवार भी बहुत सारी बधाई देता है।
आईये जानते हैं भारत की नई 'शटल एक्सप्रेस' के बारे में..

देश की नई सुपर-स्टार सिंधु
ओलम्पिक में कांस्य जीत चुकीं सायना नेहवाल के बाद भारत को हैदराबाद की पीवी सिंधु के रूप में एक और बैडमिंटन स्टार मिल गया है। सिंधु ने शनिवार को विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के एकल वर्ग में कांस्य जीतकर देश को गौरवान्वित होने का मौका दे दिया है।

देश की बेटी सिंधु को सलाम
सिंधु देश के लिए विश्व चैम्पियनशिप में व्यक्तिगत पदक अपने नाम करने वाली पहली महिला बन गई हैं। सिंधु का पूरा नाम पुसार्ला वेंकट सिंधु हैं इनका जन्म पांच जुलाई, 1995 को हुआ था। इनकी ऊंचाई 5 फुट 10 इंच हैं।

मां-बाप का गौरव पीवी सिंधु
पीवी सिंधु के पिता का नाम पीवी रमन्ना है जो कि वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और उन्हें साल 2000 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था जबकि उनकी मां का नाम पी. विजया है जो भी पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी हैं।

उपलब्धियां
2009 में कोलम्बो में सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप में कांस्य -
2010 में ईरान में फाजिर अहमद अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में रजत -
2010 में मेक्सिको में आयोजित जूनियर वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
2010 में उबेर कप के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल-
जुलाई 2012 में एशिया यूथ अंडर
19 चैम्पियनशिप में पहला स्थान

उपलब्धियां
2012 चाइना मास्र्ट्स सुपर सीरीज टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचीं
2012 में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उपविजेता
दिसम्बर 2012 में लखनऊ में आयोजित सैयद मोदी इंडिया ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट में उपविजेता
2013 में मलेशिया ओपन खिताब जीता, करियर का पहला ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड खिताब
- Male
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- Others
- Under 18
- 18 to 25
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- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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