मुंबई। क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का बोलबाला पिछले 80 साल से रहा है। ऐसे में पहली बार रणजी ट्रॉफी में हिस्सा ले रही जम्मू-कश्मीर की टीम ने 40 बार इस खिताब की विजेता को हराकर इतिहास बना दिया है। जम्मू-कश्मीर टीम की अगुवाई वर्ल्ड कप के संभावित 30 खिलाड़ियों में चयनित रसूल अहमद ने किया।
जम्मू-कश्मीर को मुंबई से जीतने के लिए दूसरी पारी में 237 रनों की दरकार थी जिसे जम्मू ने छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। तीसरे दिन के एक विकेट पर 58 रनों से आगे खेलते हुए चौथे दिन जम्मू एवं कश्मीर को पहला झटका बहुत जल्द लग गया। टीम के खाते में अभी आठ रन ही जुड़े थे कि बंदीप सिंह (12) पवेलियन लौट गए। इसके बाद खजूरिया ने इयान देव सिंह (30) के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 और फिर कप्तान परवेज रसूल (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े।
खजूरिया और फिर रसूल के एक के बाद एक पवेलियन लौटने के बाद मुंबई हालांकि एक बार फिर वापसी करता दिखा लेकिन हरदीप सिंह (41 नाबाद) और वसीम रजा (16) ने छठे विकेट के लिए 44 रन जोड़ कर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। दूसरी पारी में मुंबई की ओर से विशाल दाभोलकर ने दो जबकि इकबाल अब्दुल्ला, अभिषेक नायर और शार्दुल ठाकुर ने एक-एक विकेट हासिल किए।
गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई ने पहली पारी में 236 रन बनाए थे। इसके बाद जवाब में जम्मू एवं कश्मीर 254 रन बना कर आउट हो गया था। खजूरिया ने पहली पारी में 107 रनों की पारी खेली थी। मुंबई ने भी दूसरी पारी में 254 रन बनाए। जम्मू एवं कश्मीर के राम दयाल ने पहली पारी में तीन जबकि दूसरी पारी में पांच विकेट चटकाए।