मेरे समय क्रिकेट मुश्किल था, कोहली की तुलना मेरे साथ साथ मत करो : जावेद मियांदाद

नई दिल्ली। क्रिकेट में पुराने दिग्गजों के साथ नए सितारों की तुलना होना आम सी बात बन गई है। अगर कोई युवा आते ही विस्फोटक खेल दिखाता है तो पूर्व दिग्गज उसके बारे में जिक्र करना शुरू कर देते हैं और उसकी तुलना किसी से कर बैठते हैं। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज आमिर सोहेल ने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की तुलना जावेद मियांदाद से की थी। सोहेल ने कहा था कि कोहली और मियांदाद ने किस तरह अपना खेल उठाया है। लेकिन मियांदाद ने आमिर के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि उनकी कोहली के साथ तुलना नहीं करना चाहिए, क्योंकि जब वो खेले तो क्रिकेट मुश्किल था।

धोनी ने बचाई घायल चिड़िया की जान, जीवा ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें

पुराने दिग्गजों से तुलना ठीक नहीं

पुराने दिग्गजों से तुलना ठीक नहीं

मियांदाद ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर बोलते हुए कहा, ''माैजूदा समय क्रिकेट बदल चुका है। ऐसे में आज के खिलाड़ियों की तुलना मेरी पीढ़ी के दिग्गजों के साथ करना उचित नहीं है, क्योंकि हम उस समय खेले जब रन बनाना आसान नहीं होता था।''मियांदाद ने पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट और 233 वनडे मैच खेले हैं। उनके नाम टेस्ट में 52.57 की औसत से 8832 रन, जबकि वनडे में 41.70 की औसत से 7381 रन दर्ज हैं।

हमारे समय में क्रिकेट मुश्किल था

हमारे समय में क्रिकेट मुश्किल था

पाकिस्तान के इस पूर्व क्रिकेटर ने आगे यह भी कहने का प्रयास किया कि माैजूदा समय के क्रिकेटर पुराने खिलाड़ियों की कमी पूरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ''दूसरा सचिन तेंदुलकर या सुनील गावस्कर मिलना बहुत मुश्किल है। हमारे समय में क्रिकेट मुश्किल था। हमें मार्शल, हेडली, लिली और थॉम्सन जैसे गेंदबाजों को खेलना पड़ता था उनके पास स्पीड थी और वे बाउंसी विकेट पर गेंदबाजी करते थे। आपको परिस्थितियों से तालमेल बिठाना पड़ता है। मौजूदा बल्लेबाजों- विराट कोहली, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन, जो रूट और बाबर आजम की तुलना करना भी उन्हें उचित नहीं लगता।''

धोनी को लेकर बड़ा खुलासा, ऐसे हुआ था टीम में सिलेक्शन, फिल्म में दिखाया था कुछ और

सब अच्छे हैं

सब अच्छे हैं

इसके अलावा मियांदाद ने कहा कि अब विकेट की प्रकृति और परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आप विराट, स्मिथ या बाबर की तुलना नहीं कर सकते। सब अच्छे हैं, लेकिन फिर भी इनमें क्वॉलिटी का फर्क है। जो अलग-अलग परिस्थितियों में परफॉर्म करता है वह महान है।'' बता दें कि आमिर सोहेल ने कहा था कि कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं कि जो खुद तो महान होते ही हैं, उनके रहने से टीम के बाकी खिलाड़ियों का भी प्रदर्शन बेहतर होता है। मियांदाद ऐसे ही खिलाड़ी थे, जिनके साथ खेलने से दूसरे खिलाड़ियों को कुछ सीखने को मिलता था। अब यही काम कोहली कर रहे हैं। अन्य खिलाड़ी कोहली को फॉलो कर तरक्की कर रहे हैं।

For Quick Alerts
Subscribe Now
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

Story first published: Wednesday, June 10, 2020, 13:11 [IST]
Other articles published on Jun 10, 2020
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Yes No
Settings X