अब मियांदाद ने सचिन के विदाई सम्मान पर कहा कि सचिन को और पहले सन्यास ले लेना चाहिए था, अब उनके जाने से भारत को उनकी कमी महसूस नहीं होगी। मियांदाद के अनुसार जब मैं रिटायर हुआ था तो मुझे किसी ने नहीं पूछा, क्योंकि मैं अंतिम कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सका, वैसे ही सचिन के बारे में पिछले दो साल से कहा जा रहा था कि सचिन तेंदुलकर सन्यास ले लें।
जावेद ने कहा कि जब मैं रिटायर हुआ तो किसी ने कुछ भी अच्छा नहीं कहा, मैंने टेस्ट क्रिकेट में 8000 से ज्यादा रन बनाये थे और मैं एक लीजेंड था। सचिन की किस्मत अच्छी है कि उसे प्रशंसकों, प्रशासन और मीडिया का समर्थन मिल रहा है। भारत में लोग अपने हीरो का सम्मान करते हैं, जबकि पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता है।
वैसे मियांदाद को एक अच्छे खिलाड़ी के तौर पर कभी नहीं देखा जाता है, उनकी छवि एक जिद्दी और गाली गलौच करने वाले खिलाड़ी की रही है। वह अपने अच्छे खेल से चर्चित तो मैदान पर गाली गलौच करने के लिए बदनाम थे। वह दृश्य कौन भूल सकता है जब वह मैदान में डेनिस लिली को मारने के लिए दौड़ पड़े थे और किरन मोरे को मेंढ़क की तरह उछलकर चिढ़ा रहे थे।
मियांदाद को जब भी अंपायर आउट देता था तो वह गालियां देते हुए मैदान से बाहर जाते थे। एक बार मियांदाद कपिल देव की गेंद पर एलबीडब्ल्यू थे, कपिल ने अपील की तो मियांदाद ने गाली देते हुए कहा था क्या भूल गये तुम पाकिस्तान में खेल रहे हो..यहां एलबी-वैलबी नहीं होता।