बस में गिटार बजाने वाला क्रिकेटर जो सबसे खौफनाक बॉलिंग के सामने भी मुस्कराकर खेलता रहा

क्राइस्टचर्च, 4 मार्च: जेरेमी कोनी ने 80 के दशक के क्रिकेट को एक अलग ही अंदाज में खेला। उनकी पहचान एक ऐसे कठिन बल्लेबाज के तौर पर थी जो अब तक के सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों के खिलाफ डटकर खड़ा रहता था, और उनकी खेल भावना तथा चिर-परिचत मुस्कान खेल को और भी ज्यादा शानदार बना देती थी। इतना ही नहीं, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने संन्यास के बाद भी अपने क्रिकेट पंडित अवतार में उन सभी विशेषताओं को बरकरार रखा।

MyKhel ने हाल ही में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान से बातचीत की, जिन्होंने 52 टेस्ट खेले और 37.57 औसत के साथ 3 शतक और 16 अर्द्धशतक बनाए जबकि 88 वनडे से 30.72 औसत पर 1874 रन बनाए और 81 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किए।

न्यूजीलैंड टेस्ट में जब अचानक हुई एंट्री:

न्यूजीलैंड टेस्ट में जब अचानक हुई एंट्री:

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए न्यूजीलैंड टेस्ट में जब अचानक हुई एंट्री:

अपने उस दौर को याद करते हुए कोनी बताते हैं-

ग्लेन टर्नर के घायल होने के बाद मुझे न्यूजीलैंड क्रिकेट काउंसिल से कॉल आया। उस समय मैं सिर्फ एक शिक्षक के रूप में एक स्कूल में शामिल हुआ था और एक स्कूल नाटक - जोसेफ और द अमेजिंग ड्रीमकोट की तैयारी कर रहा था। मुझे हमेशा नाटक पसंद है, आप जानते हैं कि इसी वजह से मुझे क्रिकेट पसंद है और अभी भी मैं क्रिकेट को पसंद करता हूं।

यहां भी बहुत ड्रामा है और यह आपके सामने हर मिनट सामने आता है। हां, तब मुझे NZC से यह कॉल आया और पूछा गया कि क्या आप ऑस्ट्रेलिया जाएंगे? यह अप्रत्याशित, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था और मेरे पास उचित जूते नहीं थे और मैंने अपने बड़े भाई क्रिस के जूते का इस्तेमाल किया। तुम्हें पता है कि उसको वह जूते सर गारफील्ड सोबर्स से मिले थे। मेरे पास एक अच्छा बल्ला भी नहीं था और मैंने अपने क्लब के लिए जो बल्लेबाजी की थी, उसी बैट का इस्तेमाल किया था और नाम पीछे की तरफ छापा था - ओन्सलो क्रिकेट क्लब।

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गिटार में खर्च कर दिए किट खरीदने के पैसे-

गिटार में खर्च कर दिए किट खरीदने के पैसे-

टूर में कुछ दिनों के बाद, बॉब वेंस, हमारे प्रबंधक, को मेरा सामान पसंद नहीं आया और उन्होंने मुझे 50 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दिए और मुझे एक नया बैट और जूते की जोड़ी खरीदने के लिए कहा। और मैं रिचर्ड हेडली के बड़े भाई डेल के साथ ब्रिस्बेन में बाजार गया, लेकिन मैंने 12-स्ट्रिंग का गिटार खरीदने में पैसे खर्च कर दिए।

बॉब गुस्से में था और मुझे नेट्स पर कुछ कठिन यार्ड करने थे। लेकिन गिटार के चलते बाद में जॉन राइट (पूर्व NZ कप्तान और भारत के कोच) जैसे कुछ अच्छे साथी बने जो गिटार में शानदार थे और हम कभी-कभार टीम बस में खेलते थे।

और दूसरे टेस्ट में, हमने लगभग अपनी जीत हासिल ही कर ली थी जब पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को 160 रन पर आउट कर दिया था। वे 460 का पीछा कर रहे थे और 60/2 थे और अंतिम दिन जीतने के लिए उन्हें 430 की जरूरत थी लेकिन बारिश से वह धुल गया। तब इयान चैपल ने मीडिया को बताया कि न्यूजीलैंड को बारिश को बारिश ने बचा लिया और हम इसको लेकर गुदगुदा रहे थे। ओह, इयान! इतना सख्त बूढ़ा आदमी!

मेलबर्न में कुख्यात Bay 13 में फील्डिंग:

मेलबर्न में कुख्यात Bay 13 में फील्डिंग:

यह मेरा ऑस्ट्रेलिया का पहला किस्सा था। यह पहला टेस्ट था। आपको पता है कि प्रशंसक उस समय छोटे बर्फ के बॉक्स के साथ आते, जिनमें शराब भरी होती और एक छोटी ट्यूब अपनी शर्ट की लंबी आस्तीन के साथ वो लगाते और ड्रिंक करते रहते। वे पूरे दिन इसे पीते थे। मैं 12 वां आदमी था और ड्रेसिंग रूम में मैं बाहर मैदान पर जाने के लिए बेचैन था और मेरा समय आया जब हमारे एक गेंदबाज ब्रायन एंड्रयूज अंदर आना चाहते थे।

ऑस्ट्रेलियाई लोग उस दिन हमें परेशान कर रहे थे। और एंडी ने बिना किसी विकेट के लिए 130 रन दे दिए थे और मैं Bay 13 के पास क्षेत्ररक्षण कर रहा था और जल्द ही मुझे भीड़ ने पकड़ लिया। वे चिल्ला रहे थे: "हे कॉर्नरी, क्या तुम्हारा यही नाम है, हमने रेडियो में ऐसा सुना है।" उसके बाद उन्होंने मेरा मजाक बनाया।

और फिर उन्होंने कुछ मीट के टुकड़े और मार्बल्स मुझ पर फेंके और मैं कुछ ही समय में आसपास कूड़े से घिर गया और मीट के कारण पक्षियों ने चारों तरफ आना शुरू कर दिया। ड्रेसिंग रूम में वापस जाना राहत की बात थी। मुझे लगता है कि इसने मुझे मेरी फील्डिंग पोजिशन के रूप में स्लिप का चयन किया क्योंकि मैं अपने बाकी के करियर के लिए बाउंड्री के पास मैदान में नहीं गया, निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया में तो नहीं।

थॉमसन के पैर की पटक मानो चेहरे पर आकर लगती थी-

थॉमसन के पैर की पटक मानो चेहरे पर आकर लगती थी-

80 के दशक के तेज गेंदबाजों का सामना करने पर - मैं रन बनाने से ज्यादा अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था! वे आपके गले में पड़ जाते थे। हमेशा यही होता था। आपको तो पता ही है वे कुछ इस प्रकार थे-

डेनिस लिली: डेनिस का एक्शन बहुत प्यारा था, एकदम मक्खन सा स्मूद। वह काफी तेज था जब तक कि पीठ की चोट ने उसे थोड़ा धीमा कर दिया लेकिन वह काफी सटीक था। आप उसके हाथ में गेंद देख सकते हैं और वह आपको 'कीपर या स्लिप' के लिए बल्ले का किनारा निकाल कर देगा।

जेफ थॉमसन: कोई भी थोम्मो जैसा नहीं था। उसका सामने का पैर हवा में इतना ऊँचा पड़ता था मानो लगभग आपके चेहरे पर लगा हो। फिर भाला फेंकने वाले की तरह उसका हाथ पीछे से आता था।

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थोमो को उस एक्शन के कारण खेलना मुश्किल था और वह मेरे लिए बहुत ज्यादा तेज था। उसके खिलाफ बल्लेबाजी एक अकेला अनुभव था क्योंकि 'कीपर और स्लिप फील्डर्स आपसे दूर खड़े होते, आप कुछ स्लेज भी नहीं सुन सकते थे। एक बार ग्रेग चैपल ने मुझसे कहा था: 'अरे कोनी, आज थॉमस की गेंद पर मुझे कैच मत देना, मेरी उंगलियां अच्छी नहीं हैं।'

सीढ़ियों पर खड़े होकर बॉलिंग से की गार्नर के लिए प्रैक्टिस-

सीढ़ियों पर खड़े होकर बॉलिंग से की गार्नर के लिए प्रैक्टिस-

मैल्कम मार्शल: मैल्कम एक गति वाले गेंदबाज थे और उनके पास एक व्यस्त रन-अप था, जो आप पर टूट कर पड़ते थे। वे गेंद को छोड़ने से पहले अपने कूल्हे को थोड़ा घुमाया करते जिससे की उनके हाथ को थोड़ा और फ्री स्पेस मिल जाए। अगर आपने कभी जॉन स्नो को देखा, तो उन्होंने ऐसा ही किया। मुझे लगता है कि वह 90 मील प्रति घंटे की श्रेणी में थे।

माइकल होल्डिंग: आपने कभी कुछ नहीं सुना होगा जब होल्डिंग गेंदबाजी करते थे क्योंकि उनके पैर जमीन पर मानों फिसलते हुए आते थे। उनका एक लंबा रन-अप था, बहुत ही एथलेटिक। लिली की तरह, आप उसके हाथ में गेंद देख सकते थे और उसे आसानी से छोड़ सकते थे। लेकिन मुझे लगता है कि होल्डिंग मैल्कम की तुलना में तेज थे लेकिन थोम्मो सबसे तेज थे। एंडी रॉबर्ट्स और कोलिन क्रॉफ्ट भी बहुत तेज थे और क्रॉफ्ट तो हमेशा आपके शरीर पर निशाना साधते थे।

एंडी रॉबर्ट्स और कॉलिन क्रॉफ्ट भी बहुत तेज थे और क्रॉफ्ट हमेशा आपके शरीर को निशाना बनाते थे।

जोएल गार्नर: गेंद मानो एक स्काई-स्क्रैपर के ऊपर से आपके पास आई। यह एक अजीब नजारा था। मैंने उसके लिए अभ्यास किया। वेलिंगटन से न्यूजीलैंड के चयनकर्ता डॉन नेयली थे, हमने एक स्थानीय मैदान का कोना छान मारा और उसके चारों ओर जाल लगा दिया। नेयली ने सीढ़ियों पर चढ़कर मुझे बॉलिंग की ताकि मैं गार्नर की गेंदबाज को देखने के हिसाब से अपनी आंखों को एडजस्ट कर सकूं। वह दूसरों की तरह तेज नहीं थे, लेकिन बहुत सटीक था, कुछ भी गुंजाइश नहीं छोड़ते थे।

इमरान खान और रिचर्ड हेडली पर राय-

इमरान खान और रिचर्ड हेडली पर राय-

इमरान खान: इमरान एक अलग गेंदबाज थे। वह शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत था। वह क्रीज की तरफ जाता था और गेंद को नीचे फेंकता था। अपने कड़े एक्शन और छलांग के कारण उन्हें अच्छी उछाल मिली और मैं न्यूजीलैंड में वॉलीबॉल खेलता था, जिसके कारण मुझे उनकी बॉलिंग का सामना करने में मदद मिली।

रिचर्ड हेडली: टीम के साथी के रूप में हम एक-दूसरे के खिलाफ ज्यादा नहीं खेल पाए। लेकिन हेडली तेज थे, ज्यादा तेज नहीं बल्कि इतने तेज थे ताकि बल्लेबाज सतर्क रहें। वह इतना सटीक था कि आप पिच पर गेंद के निशान को गिन सकते हैं। शायद, उन्होंने किसी और की तुलना में न्यूजीलैंड के लिए अधिक मैच जिताए, और वह निचले क्रम के एक शानदार बल्लेबाज भी थे।

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Story first published: Wednesday, March 4, 2020, 13:49 [IST]
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