मैच में अभी दो दिन का खेल शेष है। इंग्लैंड के सात विकेट गिरने बाकी हैं और सबसे अहम बात यह है कि एंड्रयू स्ट्रॉस (नाबाद 73) और पॉल कोलिंगवुड (नाबाद 60) जैसे उसके दो धुरंधर बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों की नस-नस से वाकिफ हो चुके हैं।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कोलिंगवुड ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी टीम भारत के सामने कम से कम 350 रनों का लक्ष्य रखना चाहेगी। इंग्लैंड को 247 रनों की बढ़त हासिल हो चुकी है और अगले 100 रन बनाने में उसे कुछ खास दिक्कत नहीं होगी लेकिन भारत के लिए यह लक्ष्य हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
भारत को चौथी पारी में बल्लेबाजी करनी है और पिच का टूटना तीसरे दिन ही शुरू हो गया है। इस लिहाज से मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान की स्पिन जोड़ी भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकती है। वैसे भी पहली पारी में निराश करने वाले भारतीय बल्लेबाजों के लिए टूटती विकेट पर किसी भी गेंदबाज का सामना करना पाना मुश्किल हो जाएगा।
भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने कहा है कि उनकी टीम चमत्कार करने में सक्षम है। कोच की बात सही हो सकती है लेकिन चमत्कार तभी हो सकता है, जब उसके लिए प्रयास किया जाए। भारतीय टीम को सबसे पहले यह प्रयास करना होगा कि वह चौथे दिन के पहले सत्र में जितनी जल्दी हो सके इंग्लैंड की पारी समेट दे क्योंकि चौथे दिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बल्ले से निकला एक-एक रन भारत को मैच से दूर ले जाएगा।
बहरहाल, स्ट्रॉस और कोलिंगवुड की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट के नुकसान पर 172 रन बना लिए। स्ट्रॉस और कोलिंगवुड चौथे विकेट के लिए अजेय 129 रन जोड़े हैं।
पहली पारी में 123 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूती देने वाले स्ट्रॉस ने 150 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए हैं जबकि एकदिवसीय श्रंखला में बुरी तरह नाकाम रहे कोलिंगवुड ने अपने अनुभव के बूते 133 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके जड़े हैं।
इंग्लैंड का पहला विकेट पहली पारी में 52 रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक के रूप में गिरा। कुक नौ रन के व्यक्तिगत स्कोर पर तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा द्वारा विकेट के पीछे धोनी द्वारा कैच करा दिए गए। इंग्लैंड को यह झटका 28 रन पर लगा।
इंग्लैंड को दूसरा झटका 42 रन के कुल योग पर लगा जब स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा ने इयान बेल (7) को गौतम गंभीर के हाथों कैच करा दिया। इसके बाद युवराज सिंह ने मेहमान कप्तान केविन पीटरसन (1) को सस्ते में बिदा कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
इससे पहले, इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पहली पारी 241 रनों पर समेट दी। इंग्लैंड की पहली पारी के स्कोर 316 रनों की तुलना में भारतीय टीम 75 रन पीछे रह गई।
भारतीय टीम की पहली पारी भोजनकाल तक भारत ने नौ विकेट पर 241 रन बनाए थे। भोजनकाल के तुरंत बाद हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने मिश्रा (12) को बोल्ड कर उसकी पारी समाप्त कर दी। ईशांत आठ रन बनाकर नाबाद लौटे।
दूसरे दिन शुक्रवार का खेल खत्म होने तक भारत ने 155 रन के कुल योग पर छह शीर्ष विकेट गंवा दिए थे। दूसरे दिन 24 रन बनाकर नाबाद लौटने वाले कप्तान धोनी 82 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 53 रन बनाकर आउट हुए।
हरभजन सिंह ने भी 58 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 40 रनों की बेशकीमती पारी खेली। हरभजन दूसरे दिन 13 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। उन्होंने कप्तान के साथ सातवें विकेट के लिए बहुमूल्य 75 रन जोड़े।
हाल के दिनों में कुछ अच्छी पारियां खेलने वाले जहीर खान ने निराश किया और एक रन बनाकर फ्लिंटॉफ की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए।
इंग्लैंड की ओर से पनेसर और फ्लिंटॉफ ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि अपना पहला मैच खेल रहे स्वान को दो विकेट मिले। जेम्स एंडरसन और स्टीव हार्मिसन ने भी एक-एक सफलता हासिल की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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