
मैदान पर पुश-अप
जी हां, आपने सही समझा हम बात कर रहे हैं पाक खिलाड़ियों की ओर से मैदान पर पुश-अप करने की, जिसका विरोध पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ही किया था और इसी कारण उसने इसे प्रतिबंधित कर दिया था।

मिस्बाह उल हक ने किया था पुश-अप
आपको बता दें कि दरअसल क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर इग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में शतक लगाने के बाद 42 वर्षीय कप्तान मिस्बाह उल हक ने पहली बार मैदान पर पुश-अप किया था। इसके बाद टीम के सभी खिलाड़ियों ने चार दिन में ही खत्म हुए इस टेस्ट को जीतने के बाद सामूहिक रूप से पुश-अप्स किए थे।

सम्मान प्रदर्शित करने के लिए पुश-अप
जिसके बारे में बात करते हुए मिस्बाह ने कहा था कि हमने लाहौर में हुए स्किल कैंप से पहले एबोटाबाद में भी एक शिविर में हिस्सा लिया था, जहां हम मैदान में उतरने से पहले हर बार सम्मान प्रदर्शित करने के लिए 10 पुश-अप किया करते थे। तब मैंने शिविर के सैनिकों से वादा किया था कि जब भी मैं शतक लगाऊंगा तो उन्हें याद दिलाने के लिए इसी तरह पुश-अप किया करूंगा, इसलिए ऐसा किया था।

पुश-अप पर बैन
लेकिन इस मैच के बाद तब पीसीबी के चेयरमैन नजम सेठी ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों के पुश-अप पर बैन लगा दिया था, ऐसा कहा जा रहा था कि उन्होंने ये आदेश राजनैतिक दवाब के चलते दिया है क्योंकि कुछ राजनेताओं को ये सब रास नहीं आया था और इस बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी बवाल मचा था।

नजीम सेठ पर काफी प्रेशर डाला गया था
तब पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' में खबर छपी थी कि नजीम सेठ पर काफी प्रेशर डाला गया था क्योंकि संसद की एक समिति को मैदान पर पाकिस्तानी क्रिकेटरों का मैच के दौरान या जीत हासिल होने पर पुश-अप करना रास नहीं आ रहा था लेकिन इसके पीछे असल वजह क्या थी, इसके बारे में खुलासा नहीं हुआ था।


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